चादर पोशी में कार्यक्रम में शामिल बच्चे
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ताजमहल में पाक समर्थक नारे लगाए जाने की शर्मनाक घटना से सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गई हैं। सवाल उठ रहा है कि ताज के अंदर सीआईएसएफ का सुरक्षा घेरा होने के बावजूद नारे कैसे लग गए? इससे बड़ी चिंता की बात यह है कि इसकी जानकारी तुरंत ही सीआईएसएफ को क्यों नहीं हुई जबकि चप्पे चप्पे पर जवान तैनात हैं। अब हर पहलू पर जांच कराई जा रही है।
ताज की सुरक्षा में अंदर सीआईएसएफ रहती है। बाहर की जिम्मेदारी पुलिस के पास है। चप्पे चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनका कंट्रोल रूम में निगरानी के लिए अलग से स्टाफ है।
इतना सारा ताम झाम होने के बावजूद पाक समर्थित नारे लग गए और किसी को कुछ पता नहीं चला। इससे पहले कई बार ऐसा हो चुका है जब ताज के अंदर कभी रंग बिरंगे झंडे पहुंचे तो कभी किसी ने डांस किया। हर बार मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई।
फुलट्टी बाजार में दीवार पर लिखा मिला था, ‘आईएस कमिंग सून’
ताजमहल में पाक समर्थित नारा लगाया गया है। इससे पहले भी शहर में कई शर्मनाक वाकये पेश आ चुके हैं। अगस्त 2015 में कोतवाली के फुलट्टी स्थित घने बाजार में एक पुराने प्याऊ की दीवार पर ‘आईएस कमिंग सून’ दो बार लिखा गया था।