आगरा के सुभाष बाजार में जर्जर नाले का लिंटर ढहने से दो मंजिला कपड़ों की दुकान नाले में समा गई। हादसे में पांच लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि महिला सिपाही की 60 वर्षीय मां गंगा देवी अब भी लापता हैं। रात में रोका गया रेस्क्यू ऑपरेशन गुरुवार सुबह फिर शुरू किया गया। एसडीआरएफ, दमकल और नगर निगम की टीमें मलबा हटाकर महिला की तलाश में जुटी हैं।
आगरा के सुभाष बाजार में बारिश के दाैरान बुधवार दोपहर जामा मस्जिद के पास क्षतिग्रस्त लिंटर ढहने से दो मंजिला कपड़े की दुकान भरभराकर नाले में समा गई। मलबे में व्यापारी, उनका पाैत्र, एक कर्मचारी के अलावा खरीदारी करने आईं लखनऊ में तैनात सिपाही अनीता, उनकी मां गंगा देवी (60) और डेढ़ साल की बेटी अनन्या दब गई। व्यापारियों और राहगीरों ने मलबा हटाकर महिला सिपाही सहित पांच घायलों को बाहर निकाल लिया लेकिन गंगादेवी का पता नहीं चल सका। देर रात के बाद महिला सिपाही की मां को तलाशने के लिए सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन फिर शुरू कर दिया गया। एसडीआरएफ, दमकल के अलावा नगर निगम की टीम भी मौके पर पहुंच गई है।
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सुभाष बाजार में मंटोला नाले के ऊपर नगर निगम की आठ दुकानें बनी थीं। केदार नगर निवासी तुलाराम की राधा स्वामी क्लाॅथ स्टोर के नाम से साड़ियों और कपड़ों की दुकान थी। उनके बेटे दिलीप ने बताया कि जिस नाले पर दुकान बनी है, वह काफी जर्जर हो चुका है। इससे दुकान में दरार आ रही थी। इस संबंध में डेढ़ महीने पहले नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर दुकान और नाले की मरम्मत की मांग की थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस कारण दुकान का कुछ हिस्सा खाली कर दिया था और बाहर बैठकर ही व्यापार करते थे। कुछ माल गोदाम में रख दिया था।
बुधवार को बारिश के दाैरान नाले में पानी का बहाव तेज हो गया। दोपहर में तुलाराम, उनका पाैत्र कृष्णा, कर्मचारी लाला बैठे हुए थे। दिलीप भी कुछ दूरी पर खड़े थे। सैंया के गांव नगला तेजा की रहने वाली लखनऊ में तैनात सिपाही अनीता अपनी मां गंगा देवी और बेटी अनन्या के साथ खरीदारी के लिए आई थीं। गंगा देवी दुकान पर साड़ी देखने लगीं और अनीता के गोद में बेटी थी।
करीब 2:25 बजे नाले का लिंटर ढह गया और तेज आवाज के साथ दो मंजिला दुकान भी समा गई। सभी छह लोग नाले के अंदर मलबे के साथ दब गए। आवाज सुनकर पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। चीख-पुकार सुनकर व्यापारी नाले की तरफ दाैड़े और कुछ ही देर में सिपाही और उनकी बेटी को बाहर निकाल लिया। बाद में तुलाराम को निकाला गया। सूचना पर 10 मिनट में पुलिस भी पहुंच गई। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद लोगों ने कृष्णा और लाला को भी निकाल लिया लेकिन गंगा देवी का पता नहीं चल सका। मां के मलबे में दबे होने की वजह से अनीता रोने लगी। उन्हें किसी तरह लोगों ने संभाला। सभी घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजा गया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि रात 12.30 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था। गुरुवार सुबह से ही टीमें मलबा हटाने में जुट गई हैं। महिला की तलाश की जा रही है। नाला जहां पर खुल रहा है, वहां पर भी सर्च किया जा रहा है।
महिला का दूसरे दिन भी नहीं लगा पता
आगरा के सुभाष बाजार में लिंटर ढहने से नाले में समाई दो मंजिला दुकान के मलबे में दबी महिला सिपाही अनीता की मां गंगा देवी का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चल सका। नगर निगम की टीम बृहस्पतिवार को भी बुलडोजर से नाले के अंदर का मलबा निकालने में लगी रही। सुरक्षा की दृष्टि से बाजार को बंद कर दिया गया है। महिला के परिजन भी मौके पर डटे रहे। परिजन गंगा देवी के सकुशल बाहर निकलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उधर तकरीबन 20 फीट गहरे नाले में दोनों तरफ तलाश की जा रही है। नगर निगम की टीम ने बिजलीघर तक देखा लेकिन गंगा देवी का कोई पता नहीं चल सका।