महज सात महीने पहले ताजनगरी में आयोजित मीट एट आगरा के उद्घाटन पर फुटवियर को करमुक्त करने का अपना वादा याद कीजिए मंत्री जी। आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन ने केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल से 500 रुपये तक के जूते-चप्पल को जीएसटी में करमुक्त करने की मांग की। फेडरेशन ने घर-घर में कुटीर उद्योग की तरह फैले जूता उद्योग की मुश्किलें भी वित्त राज्यमंत्री के सामने रखी हैं।
अध्यक्ष गागनदास रामानी और महामंत्री दिलीप खूबचंदानी ने वित्तमंत्री अरुण जेटली और वित्त राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल को ज्ञापन भेजा है। इसमें 500 रुपये तक के फुटवियर को करमुक्त करने की मांग की गई। फेडरेशन के मुताबिक हाथों से बनने वाले जूते आगरा में घर-घर में बन रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में 300 और हरियाणा में 500 रुपये तक का जूता वैट में करमुक्त है। एक्साइज ड्यूटी से भी पांच सौ रुपये के जूते करमुक्त हैं। ऐसे में जीएसटी में भी यही किया जाए। 500 रुपये से अधिक मूल्य वाले फुटवियर पर पांच फीसदी जीएसटी लगाया जाए।
फेडरेशन ने आगरा में जूता उत्पादन को मुगलिया दौर की हस्तकला बताते हुए मांग की कि पुश्तैनी कारीगर इस ट्रेड से जुड़े हैं। देश की 65 फीसदी जूते की जरूरत आगरा से पूरी होती है। कुटीर उद्योग पर जीएसटी का बोझ डालने से यह खत्म हो जाएगा, जिसका असर गरीब और कमजोर वर्ग पर पड़ेगा।