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'सुनिए वित्तमंत्री जी ! 5200 करोड़ रुपये का राहत पैकेज मिले तो आगरा का जूता और चमके'

Fri, 22 Jan 2021 05:24 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • कोरोना काल में संकट से गुजर रहे आगरा के जूता उद्योग को 5200 करोड़ रुपये का राहत पैकेज चाहिए। उद्यमियों का कहना है कि पिछले बजट में 2600 करोड़ रुपये का पैकेज था। अब स्थितियां जुदा हैं, इसलिए यह दोगुना किया जाना चाहिए।
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आगरा के उद्यमी पूरन डावर, कैप्टन अजीत राणा, उपेंद्र सिंह (क्रमश:) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमैक) के अध्यक्ष पूरन डावर का कहना है कि कोरोना काल में खासकर निर्यात इकाइयों के सामने परेशानी आई है। अब इसे प्रोत्साहित करने के लिए पैकेज की आवश्यकता है। जूता उद्यमी फिर से खड़े होकर उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं लेकिन इसके लिए कर्ज की दरें कम की जानीं जरूरी है। बांग्लादेश और चीन में सस्ती दरों पर कर्ज दिया जा रहा है। इनसे प्रतिस्पर्धा है, इसलिए जरूरी है कि कर्ज की दरें समान हों।

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उन्होंने कहा कि दूसरा कदम यह उठाया जाए कि इस इंडस्ट्री में निवेश करने वाले को सरकार इंसेटिव (प्रोत्साहन) दे। इससे दो फायदे होंगे। एक तो इस इंडस्ट्री का पैसा इसी के विस्तार पर लगेगा। दूसरा अन्य लोग भी प्रेरित होंगे। तीसरी आवश्यकता है सामाजिक सुरक्षा। टैक्स स्लैब भले ही ज्यादा हों लेकिन जो टैक्स जूता उद्योग से मिल रहा है, उसका एक हिस्सा उद्यमियों को स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं देने पर खर्च किया जाए।

'पैकेज की शर्तें आसान हों'
एफमैक के उपाध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि पिछले साल जो पैकेज मिला था, उसकी शर्तें कठिन थीं। सभी उद्यमी उसका लाभ नहीं उठा पाए। इस बार शर्तें आसान रखी जाएं ताकि पूरी इंडस्ट्री को राहत मिले। 
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'राहत का टॉनिक चाहिए'
जूता निर्यातक कैप्टन अजीत राणा ने कहा कि जूता इंडस्ट्री इस समय बीमार पड़ी है, इसे राहत का टॉनिक चाहिए। यह ऐसा होना चाहिए जिससे न केवल पूंजी मिले बल्कि निर्यात को बढ़ावा भी। 

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...तो नई इकाइयां लगेंगी
आगरा शू मेन्युफेक्चरर एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने कहा कि अगर सरकार जूते उद्योग को पैकेज देगी तो नई इकाइयां लगेंगी। चीन से जो फैक्टरियां बंद हुई हैं और हो रही हैं, वे आगरा का रुख कर सकती हैं। 

30 फीसदी कारखाने बंद
उद्यमी हिम्मत रामानी ने कहा कि मंदी के कारण करीब 30 फीसदी कारखानों में अभी भी काम सुचारु नहीं हो सका है। कारखानेदारों के पास पैसों का अभाव है। इन्हें राहत देने की आवश्यकता है। 

1800 करोड़ का नुकसान
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के महामंत्री खूबचंदानी ने कहा कि जूता उद्योग को अनुमानित 1800 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। जिसकी पूर्ति लंबे समय से नहीं हो सकेगी। इसके लिए अतिरिक्त पूंजी होनी चाहिए। ताकि सभी खर्च पूरे किए जा सकें। 

आंकड़े 
5000 घरेलू कारखाने
200 निर्यात इकाइयां
08 हजार करोड़ का टर्नओवर
03 लाख से ज्यादा को रोजगार
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