घरेलू बाजार में 65 फीसदी जूता उत्पादन करने वाले आगरा को हुनरमंद कारीगर चाहिए। इंटरनेशनल मंदी हो या चुनौतियां, स्किल लेबर के जरिए ही आगरा के जूता निर्यातक मुकाबला कर सकेंगे। स्किल इंडिया में कारीगरों को प्रशिक्षित तो किया जा रहा है, लेकिन अभी भी यह संख्या कम है। लेदर सेक्टर स्किल काउंसिल, चेन्नई द्वारा सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (सीएफटीआई), शास्त्रीपुरम् में प्रशिक्षार्थियों के प्रमाण पत्र वितरण समारोह में उद्यमियों ने यह जरूरत जताई।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना केतहत सीएफटीआई में केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने 200 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। कठेरिया ने युवा पीढ़ी के रोजगार, जीवन मान बढ़ाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण पर जोर दिया। सीएलई (काउंसिल फार लेदर एक्सपोर्ट) चेयरमैन पद्मश्री रफीक अहमद ने कहा कि लेदर एक्सपोर्ट में बेशक गिरावट हो, लेकिन आने वाले दिनों में इंटरनेशनल और घरेलू बाजार में सुनहरे मौके मिलेंगे। स्किल लेबर के जरिए उत्पादकता बढ़ाएं और फै क्ट्रियों की क्षमता में बढ़ोतरी करें। देश में स्टार स्कीम में 20 हजार और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 70 हजार अभ्यर्थियों को सीएलई प्रशिक्षित कर चुका है।
सीएलई उत्त्तर क्षेत्र अध्यक्ष पूरन डावर ने फुटवियर क्षेत्र के विकास के लिए बैंकिंग व्यवस्था और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने हाईस्कूल स्तर पर ही क्लस्टर सेंट्रिक एजूकेशन की जरूरत बताई। समारोह में सीएलई उपाध्यक्ष सुभाष कपूर, एलएसएससी चेयरमैन हबीब हुसैन, सीईओ रमेश कुमार आईएएस, सीएफटीआई निदेशक सनातन साहू, एफमेक वरिष्ठ उपाध्यक्ष शाहरू मोहसिन, राजेश सहगल आदि रहे।
दिसंबर तक पूरा होगा आगरा ट्रेड सेंटर
तीन साल से पर्यावरण मंजूरी के नाम पर फंसे आगरा ट्रेड सेंटर और डिजायन स्टूडियो की सींगना स्थित जमीन को देखने के लिए सीएलई की टीम के साथ पहुंचे रफीक अहमद ने मंजूरी में आ रही अड़चनों की जानकारी ली। पूरन डावर ने बताया कि आगरा ट्रेड सेंटर और डिजायन स्टूडियो का काम साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।