Dr. GG Dheer
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शहर के नामी चिकित्सक डॉ. जीजी धीर (80) का निमोनिया से निधन हो गया। रामनगर कॉलोनी सिविल लाइंस निवासी डॉ. धीर का इलाज गुरुग्राम के निजी अस्पताल में चल रहा था। इनके निधन से चिकित्सकों में शोक व्याप्त है।
बेटे डॉ. उषस्त धीर ने बताया कि पिता को निमोनिया होने से फेफड़ों में संक्रमण हो गया था। बृहस्पतिवार दोपहर को उन्होंने अंतिम सांस ली। पिता 1987 से 2004 तक एसएन मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभागाध्यक्ष रहे। कुछ समय के लिए कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी भी संभाली। एम्स से एमडी की पढ़ाई की थी। परिवार में बड़े भाई डॉ. उद्गेथ धीर और मां विजय धीर हैं। अंतिम संस्कार शुक्रवार को ताजगंज मोक्षधाम में किया जाएगा।
देशभर के मरीजों ने पाया था लाभ
एसएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि चर्म रोग के लिए डॉ. जीजी धीर देशभर में विख्यात थे। उन्होंने त्वचा से जुड़ी कई जटिल बीमारियों का उपचार किया। देशभर के मरीज लाभान्वित हुए।
त्वचा रोग विभाग को दी नई पहचान
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव का कहना है कि डाॅ. धीर देश के टॉप-10 चिकित्सकों में थे। उन्होंने एसएन के त्वचा रोग विभाग को नई पहचान दी।
पढ़ाई में सख्ती बरतते थे धीर सर
एसएन के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. यतेंद्र चाहर का कहना है कि एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान धीर सर पढ़ाने आते थे। ये पढ़ाई में सख्त थे और अनुशासित रहने का संदेश देते थे।