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मेहनत लाई रंग: कंक्रीट के जंगल में तब्दील होते आगरा शहर के लिए अच्छी खबर, वन क्षेत्र में हुई इतनी वृद्धि

Mon, 23 Dec 2024 09:48 AM IST
धीरेन्द्र सिंह ममता त्रिपाठी, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा में बढ़ती कॉलोनी और कटते पेड़ों के बीच अच्छी खबर ये है कि यहां वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है। हालांकि ये वृद्धि बहुत आंशिक है, लेकिन वन विभाग की मेहनत कुछ तो रंग लाई। 
 
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पेड़
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विस्तार
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कंक्रीट के जंगल में तब्दील होते आगरा शहर के लिए अच्छी खबर है। वन विभाग की पिछले दो साल की मेहनत रंग लाई और आखिरकार शहर के वन क्षेत्र में आंशिक ही सही पर 0.32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 
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आगरा क्षेत्र का वन क्षेत्र साल 2015 में 6.78 प्रतिशत था। जो साल 2017 में घटकर 6.73 और फिर साल 2019 में 6.50 प्रतिशत ही रह गया। 2021 में वन क्षेत्र घटा तो नहीं लेकिन बढ़ा भी नहीं। यह फिर से 6.50 पर ही स्थिर रहा। साल 2023 में प्रतीक्षित भारतीय वन सर्वेक्षण देहरादून की रिपोर्ट गत दिवस जारी हुई, जिसके अनुसार आगरा के वन क्षेत्र में 0.32 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 

 

यह 6.82 प्रतिशत पहुंच गया है, जो क्षेत्रफल में 274.73 वर्ग किमी हो गया है। हरियाली क्षेत्र में 12.90 वर्ग किलोमीटर या 3186 एकड़ की वृद्धि हुई है।मंडल की बात करें तो फिरोजाबाद 2.12 फीसदी और मैनपुरी में 1.47 फीसदी वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है, लेकिन मथुरा में यह 2.15 फीसदी घटा है। प्रदेश में हरियाली कि मामले में आगरा छठे स्थान पर है। इसमें झांसी पहले नंबर, कानपुर सिटी दूसरे, बिजनौर तीसरे, अमरोहा चौथे और इटावा पांचवें स्थान पर है। 


 

कटते रहे पेड़... फिर भी बढ़ गया 12.90 वर्ग किमी जंगल
हरे पेड़ों पर भले ही आरी चलती रही, हरियाली का कत्ल होता रहा, लेकिन इस सबके बावजूद पिछले दो साल में आगरा में 12.90 वर्ग किमी वन क्षेत्र बढ़ गया है। वर्ष 2021 में यह आंकड़ा 261.83 वर्ग किमी था। वहीं 2023 में यह 274.73 वर्ग किमी पर पहुंच गया। यह हम नहीं, भारत वन स्थिति 2023 की रिपोर्ट कह रही है। आंकड़ों के अनुसार 2021 की तुलना में 2023 में जिले में 4.20 वर्ग किमी मध्यम और 8.70 वर्ग किमी खुले वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है। 


 

जारी हुई रिपोर्ट 
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को सर्वे रिपोर्ट जारी की। जिसके अनुसार पर्यावरण दृष्टि से संवेदनशील ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) के 6 जिलों में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद में जहां हरियाली क्षेत्र बढ़ा है। वहीं, एटा, हाथरस और भरतपुर में जंगल क्षेत्र घट गया है। हाथरस में खुले वन क्षेत्र में 3.71 वर्ग किमी की कमी आई। एटा में 2.79 वर्ग किमी, भरतपुर में 1.89 वर्ग किमी खुले जंगल कम हो गए। भरतपुर में मध्यम जंगल क्षेत्र में सबसे ज्यादा 4.51 वर्ग किमी की कमी आई है।


 
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आगरा का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 
आगरा में 4027.03 वर्ग किमी का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल है। 2021 में यहां 261.83 वर्ग किमी वन क्षेत्र था। 2023 में यह बढ़कर 274.73 वर्ग किमी हो गया है। उधर, मथुरा में यह 50.23 से बढ़कर 53.34 वर्ग किमी हो गया। यहां 3.11 वर्ग किमी. हरियाली बढ़ी। फिरोजाबाद में 58.85 वर्ग किमी से बढ़कर 60.97 वर्ग किमी वन क्षेत्र हुआ है। फिरोजाबाद में 2.12 वर्ग किमी वन क्षेत्र बढ़ा है। जबकि एटा में 2021 में वन क्षेत्र 23.97 वर्ग किमी था जो 2023 में 20.82 वर्ग किमी रह गया। यहां 3.15 वर्ग किमी कमी आई। हाथरस में 26.24 से घटकर 22.09 वर्ग किमी और भरतपुर में 139.15 से घटकर 132.75 वर्ग किमी वन क्षेत्र रहा। यहां वन क्षेत्र में 6.40 वर्ग किमी कमी आई है।
 
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