आगरा में दिवाली के एक दिन पहले संजय प्लेस की हवा प्रदूषण स्तर पर संतोषजनक स्थिति में थी। बुधवार तक यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 90 दर्ज किया गया। 24 घंटे में ही स्थिति बिल्कुल बदल गई। बृहस्पतिवार शाम 4:05 बजे संजय प्लेस की हवा खतरे के स्तर पर पहुंच गई। यहां एक्यूआई 203 पर रहा। इसकी वजह वाहनों से निकलने वाले धुएं को माना जा रहा है।
संजय प्लेस में सुबह एक्यूआई 185 रहा। दिन में स्तर बढ़ा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक अति सूक्ष्म कणों (पीएम-2.5) का औसत संजय प्लेस में 187 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और अधिकतम 335 दर्ज किया गया। कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर भी कई गुना बढ़ा पाया गया। इसका औसत 72 और अधिकतम 136 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा। जबकि औसत स्तर चार होना चाहिए। पीएम-2.5 और कार्बन दोनों का स्तर बढ़ना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ सकती है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. विश्वनाथ शर्मा के मुताबिक संजय प्लेस में दिवाली के बाद ट्रैफिक कम था। अधिकतर कार्यालय बंद थे। स्कूलों में भी छुट्टियां थीं। बृहस्पतिवार को स्कूल व कार्यालय बढ़ने से यातायात बढ़ा। वाहनों के धुएं एक्यूआई बढ़ने का प्रमुख कारण हो सकता है।
शाहजहां गार्डन के पास ठीक नहीं हवा
शाहजहां गार्डन के पास हवा ठीक नहीं हो रही है। बृहस्पतिवार को भी यहां एक्यूआई 232 तक दर्ज किया गया। सुबह के समय हवा अधिक खराब रही। शाम को एक्यूआई 218 तक दर्ज किया गया। यहां तीन दिनों से वायु की गुणवत्ता खराब श्रेणी में है।