आगरा की हवाई वितरण अनुसंधान एवं विकास संस्थापन (एडीआरडीई) लैब देश के पहले अंतरिक्ष मानव मिशन में अपना योगदान देगी। वर्ष 2022 में अंतरिक्ष मानव मिशन ‘गगनयान’ के क्रू मॉड्यूल की वापसी और रिकवरी सिस्टम में आगरा के एडीआरडीई के पैराशूट उपयोग होंगे।
इसरो के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ का हिस्सा बनने का गौरव आगरा की हवाई वितरण अनुसंधान एवं विकास संस्थापन (एडीआरडीई) लैब को मिला है, जिसके पास पैराशूट सिस्टम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। लैब के वैज्ञानिक इससे पहले चंद्रयान और मंगलयान में अपनी विशेषज्ञता दिखा चुके हैं।
अंतरिक्ष मानव मिशन में अंतरिक्ष से धरती की कक्षा में प्रवेश के बाद तीन सदस्यीय क्रू मॉड्यूल को पानी या जमीन पर एडीआरडीई के बनाए पैराशूट ही लेकर आएंगे। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में क्रू एस्केप सिस्टम अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रखेगा।