सिंधियों ने शुरू किया था कपड़े का कारोबार
रूई की मंडी और आसपास के इलाके में लंबे वक्त तक शिया लोग रहते थे। रूई के साथ ही यहां और भी कारोबार होते थे लेकिन देश की आजादी के बाद कपड़े का व्यापार जोर पकड़ गया।
शाहगंज बाजार कमेटी के महामंत्री महावीर प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि आजादी के समय रूई की मंडी शहर का बाहरी इलाका था। बंटवारे के दौरान पाकिस्तान से आए सिंधी लोगों ने यहां कपड़े का काम शुरू किया था। यह व्यापार बढ़ता गया। शुरू में कपड़े की दो-चार दुकानें थी, आज यह प्रमुख बाजारों में से है।