हिंदू से ईसाई में धर्मांतरण कराने का आरोपी राजकुमार लालवानी 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर रहेगा। पुलिस ने उससे पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड मांगी थी। इस पर कोर्ट ने 10 से 19 सितंबर तक की रिमांड दी है। पुलिस आरोपी से गिरोह से जुड़ी जानकारी लेगी। पुलिस धर्मांतरण की फंडिंग और स्थान के बारे में जानकारी करेगी। इसके अलावा अब तक हुए धर्म परिवर्तन और इलाज के नाम पर झांसे में लिए गए लोगों की जानकारी भी जुटाई जाएगी।
2 सितंबर को शाहगंज पुलिस ने धर्मांतरण गिरोह का खुलासा किया था। केदार नगर में घर में दबिश दी थी। मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी, तीन महिलाओं सहित 8 को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि बीमारी का इलाज करने और गरीबी दूर करने का झांसा देकर लोगों को बुलाया जाता था। इसके बाद ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था। इसके बाद हाथों से कलावा काटने और माथे से तिलक हटाने का दबाव बनाया जाता था। कहा जाता था कि घर से मूर्ति हटा दो। इतना ही नहीं पुलिस ने ये तक बताया कि धर्मांतरण के लिए खून पिलाया जाता और फिर मांस खिलाया जाता था।
महिला पुलिसकर्मियों को राजकुमार के घर भेजा गया था। धर्मांतरण की पुष्टि होने पर कार्रवाई की गई थी। मामले में आरोपियों को जेल भेजा गया था। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि गिरोह को पंजाब और महाराष्ट्र से फंडिंग की जा रही थी। राजकुमार के खाते में रकम आया करती थी। यह रकम काैन भेज रहा था? यह पता नहीं चल सका है। उसके नेटवर्क में और कितने लोग हैं? यह जानना बेहद जरूरी है, जिससे कार्रवाई की जा सके। इसके लिए उसे रिमांड पर लिया गया है। कोर्ट ने दस दिन की रिमांड दी है। उससे अलग-अलग सवाल पूछे जाएंगे। आरोपियों के बारे में जानकारी ली जाएगी।