आगरा मंडल की सभी मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को फॉग पास डिवाइस से लैस कर दिया गया है। हालांकि इसके बाद भी ट्रेनों की लेटलतीफी में कोई खास फर्क नहीं पड़ा है।
रेल अधिकारियों का कहना है कि कोहरे में 60 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से ट्रेन को नहीं चलाया जा सकता है। गतिमान और शताब्दी जैसी ट्रेनें अपवाद हैं।
आगरा रेल मंडल से होकर गुजरने वाली गाड़ियों का टाइम टेबिल नवंबर से ही गड़बड़ाने लगा था। कोहरे का प्रकोप बढ़ने के साथ ही ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ने लगी।
दिसंबर के दूसरे पखवाड़े से जनवरी के पहले सप्ताह तक गतिमान, शताब्दी और राजधानी जैसी गाड़ियां भी अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से चलीं। दिसंबर से फॉग पास डिवाइस का प्रयोग शुरू किया गया था।