आगरा में गर्डर गिरने की घटना के बाद तीसरे पुल का काम अब मार्च 2019 से भी लेट हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि अब तीनों ही गर्डर हटाए जाएंगे। इसके बाद नए गर्डरों की शिफ्टिंग होगी। दुर्घटना के बाद पुल के निर्माण कार्य में देरी होना तय है।
उधर, यमुना नदी के निर्माणाधीन पुल पर स्पॉन पर लगे भारी भरकम आई गर्डरों को साइट पर ही तैयार किया गया है। खंदारी फ्लाईओवर के लिए जहां स्पॉन
पर लगाए गए गर्डरों को बाहर से मंगवाया गया था, लेकिन इस पुल के लिए कई माह से इन गर्डरों को साइट पर ही बनाने का काम किया जा रहा था। जो गर्डर गिरे हैं, वह सितंबर के पहले सप्ताह में शिफ्ट हुए थे, जबकि तीन दिन पूर्व भी दो अन्य गर्डर भी शिफ्ट हुए हैं, जिन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
माना जा रहा है कि शिफ्टिंग के दौरान की गई लापरवाही के कारण ही गर्डर गिर पड़े। अगर गर्डर सीधे नीचे गिर जाते तो जवाहर पुल को बड़ा नुकसान पहुंचता। अब दो अन्य गर्डरों को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि ज्यादा कंपन या मशीनों के ब्राइवेशन के कारण स्पॉन पर रखे दो अन्य गर्डरों को भी नुकसान पहुंच सकता है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों का कहना है कि साइट पर 40 से 50 प्रशिक्षित कर्मचारी कार्यरत हैं।