आगरा के राजा मंडी रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान पूछताछ खिड़की खाली, पेयजल स्थल के पास गंदगी और रिटायरिंग रूम बंद मिले। यात्री बिना रोक-टोक रेलवे ट्रैक पार करते नजर आए, जबकि मौके पर आरपीएफ कर्मियों की अनुपस्थिति ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
शहर के व्यस्त राजा मंडी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा के दावों की बुधवार को हकीकत सामने आ गई। पूछताछ खिड़की (इंक्वायरी विंडो) पर सन्नाटा पसरा रहा, पेयजल स्थल के पास गंदगी का अंबार मिला और रिटायरिंग रूम पर ताला लटका नजर आया। इतना ही नहीं, यात्री बिना किसी रोक-टोक के जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते दिखे।
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बुधवार को स्टेशन पर ट्रेनों की जानकारी देने वाली इंक्वायरी विंडो खाली पड़ी थी। मुरैना जाने के लिए आए यात्री देवेंद्र ने बताया कि ट्रेन काफी लेट है। यह पता नहीं चल पा रहा है कि गाड़ी कितने बजे आएगी और किस प्लेटफॉर्म पर आएगी। यहां कोई कर्मचारी बताने वाला नहीं है। जब इस अव्यवस्था की जानकारी आगरा मंडल के जनसंपर्क अधिकारी को दी गई तो उन्होंने रिपोर्ट मांगने की बात कही। इसके कुछ ही देर बाद प्लेटफॉर्म पर घूम रही एक महिला कर्मचारी को पूछताछ खिड़की पर बैठाया गया तब जाकर यात्रियों को राहत मिली।
पेयजल के पास गंदगी और रिटायरिंग रूम बंद
स्टेशन पर साफ-सफाई के दावों की भी कलई खुल गई। पेयजल स्थल के आसपास तंबाकू और गुटखे के पाउच पड़े मिले। वहीं, प्लेटफॉर्म पर बने 21 और 22 नंबर के रिटायरिंग रूम पर ताला जड़ा हुआ था। बाहर लगे बोर्ड पर 12 घंटे का किराया 250 रुपये और 24 घंटे का 450 रुपये दर्ज था लेकिन यात्रियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा था।
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खुलेआम पटरी पार कर रहे यात्री, आरपीएफ नदारद
यात्री सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही देखने को मिली। लोग बेखौफ होकर रेलवे ट्रैक पार करते नजर आए लेकिन उन्हें रोकने के लिए मौके पर आरपीएफ कर्मी मौजूद नहीं थे। जबकि इसी स्टेशन पर पूर्व में कई बड़े हादसे हो चुके हैं, इसके बावजूद पटरियां पार करने से रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आए। जनसंपर्क अधिकारी आगरा मंडल संजय कुमार गौतम ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है। स्टेशन पर फैली गंदगी को तुरंत साफ कराया जाएगा और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की जाएगी।