आलू की 75 हजार हेक्टेयर खेती और 29 लाख मीट्रिक टन पैदावार। प्रदेश में आलू की कुल पैदावार का करीब 25 फीसदी आगरा मंंडल में पैदा हो रहा है। अच्छी खासी पैदावार देख नवंबर 2013 में प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के तौर पर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोठी मीना बाजार मैदान में रैली कर इसे बनाने का भरोसा दिया। वादा पूरा नहीं होने से प्रोसेसिंग यूनिट की आस अब टूटती दिख रही है।
प्रदेश के 698 हजार हेक्टेयर में 242.93 लाख मीट्रिक टन आलू पैदा होता है। इसमें 24.14 फीसदी आगरा मंडल की हिस्सेदारी है। आगरा मंडल में 168.80 हजार हेक्टेयर खेती में 62.84 लाख मीट्रिक टन आलू हो रहा है। सबसे ज्यादा 75 हजार हेक्टेयर खेती आगरा में हो रही है, जिसमें 29-30 लाख मीट्रिक टन आलू पैदा हो रहा है। आलू में घाटा होते देखे 20-25 साल से किसान आलू प्रोसेसिंग यूनिट की मांग कर रहे हैं। इसके बनने से चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, स्टार्च, आलू का पाउडर, नमकीन, वोदका समेत कई तरह के उत्पादों का निर्माण होता। केंद्र सरकार ने भी इस मांग को भुला दिया है।
रोजाना आलू के 40 हजार पैकेट की होती खपत
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने बताया किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरा कार्यकाल में भी यूनिट नहीं बनी। इसके बनने से रोजाना 40 हजार पैकेट आलू की खपत होगी। पूरे प्रदेश के किसानों को लाभ मिलेगा। आय भी दोगुना होगी।
प्रोसेसिंग यूनिट से कई क्षेत्रों में विकसित होंगे रोजगार
चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत का कहना है कि आलू प्रोसेसिंग यूनिट बनने से फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, यातायात समेत अन्य में रोजगार बढ़ेगा। इससे किसान, व्यापारियों और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
नए रोजगार के साथ आगरा का होगा तेजी से विकास
आगरा कोल्डस्टोरेज ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने बताया कि प्रोसेसिंग यूनिट बनने से आलू की अच्छी कीमत मिलेगी। शीतगृह समेत अन्य उद्योगों का भी विस्तार हो सकेगा। सरकार को राजस्व और आगरा क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा।
बीते साल आलू की खेती का ये रही स्थिति:
जिला खेती (हजार हेक्टेयर) पैदावार (लाख मीट्रिक टन)
आगरा 74.50 28.47
फिरोजाबाद 55. 50 21. 11
मैनपुरी 22.00 7.32
मथुरा 16.60 5.94