आगरा की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाने से यह खराब की श्रेणी में आ गई है। आसपास पराली जलाए जाने और शहर में खोदाई से धूल उड़ने के कारण एयर क्लाविटी इंडेक्स 209 पर पहुंच गया है। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रदूषण तेजी से बढ़ा है।
टीटीजेड के सदस्य इंजीनियर उमेश शर्मा ने बताया कि ताज नगरी में सभी प्रमुख सड़कों पर सीवर, पानी और यूटिलिटी डक्ट के लिए खोदाई का काम चल रहा है। धूल कणों की मात्रा हवा चलने पर लोगों का दम फुला रही है। वहीं अधजले कूड़े के कारण हवा में ब्लैक कार्बन की मौजूदगी भी ज्यादा है।
धूल कणों को नियंत्रित करना होगा
इस सीजन में पराली जलाने के कारण एकाएक प्रदूषण में बढ़ोतरी होती है। दूसरा कारण धूल है। खोदाई सभी संस्थाओं को धूल नियंत्रित करने के उपाय करने होंगे। अन्यथा कोरोना संकट में स्थिति भयावह हो जाएगी।
- चंद्रशेखर शर्मा, पर्यावरण अभियंता