आगरा के थाना एत्माद्दाैला के प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट डाक मुंशी कुलभूषण और चालक सिपाही अंकित राठाैर को भारी पड़ी। मामले में डाक मुंशी को निलंबित, जबकि सिपाही चालक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उन्हें बिना उच्चाधिकारियों को अवगत कराए सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने में अनुशासनहीनता का दोषी माना गया है। उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच भी शुरू करा दी गई है।
3 अक्तूबर को सिपाही अंकित राठाैर की एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसमें उन्होंने थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र दुबे पर अभद्रता के आरोप लगाए थे। कहा था कि ड्यूटी खत्म होने के बाद भी काम ले रहे थे। मना करने पर बेवकूफ, नालायक और कामचोर तक बोल दिया था। अंकित राठाैर रामबाग चाैकी की गाड़ी चलाते थे। वहीं अगले दिन एक और पत्र वायरल हुआ था। इसमें सिपाही कुलभूषण के उत्पीड़न की बात कही गई थी। एक्स पर पोस्ट में लिखा गया था कि हमसे पैसा मांगा गया है। कहां से लाएं, एसएचओ ने पैसा मांगा है। 21 सितंबर से लगातार बदतमीजी भी की जा रही है। मामले में डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने एसीपी छत्ता पियूष कांत राय को जांच के आदेश किए थे।
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मामले में निरीक्षक देवेंद्र दुबे से आख्या तलब की गई। उन्होंने लिखा कि कुलभूषण डाक मुंशी हैं। वह कई बार डयूटी से गैर हाजिर रहते हैं। कई बार व्हाट्सएप ग्रुपों पर टिप्पणी करते हैं। हिदायत के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। वहीं अंकित राठाैर ने वीआईपी डयूटी में जाने से इंकार किया था। इस पर आख्या दी थी।
डीसीपी सिटी ने बताया कि सिपाहियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाले थे। यह अनुशासनहीनता में आता है। अगर इंस्पेक्टर की किसी तरह की शिकायत थी तो अधिकारियों को अवगत कराना चाहिए। एसीपी से शिकायत नहीं की गई। अगर वो नहीं सुनते तो उच्चाधिकारियों के पास आना चाहिए। मगर पुलिसकर्मियों ने ऐसा नहीं किया। कुलभूषण को निलंबित किया गया है। अंकित राठाैर को लाइन हाजिर किया है। इनके खिलाफ प्रारंभिक जांच भी कराई जा रही है। इसमें दोषी मिलने पर विभागीय जांच भी कराई जाएगी।