बेटा प्रिंस उर्फ भोलू बुधवार को थाना जगदीशपुरा पहुंचा। उसने
पिता के गुम होने के बारे में बताया। पुलिस ने उसे थाना सिकंदरा भेज दिया। यहां फोटो दिखाई गई। उसने सात सितंबर को मारे गए
व्यक्ति को अपना पिता बताया। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराया। इसमें मोहल्ले के ही नरायण सहित तीन को नामजद किया। पुलिस ने
आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए। मगर, वह फरार हो गए।
आगरा के थाना सिकंदरा के गांव लखनपुर में सात सितंबर की शाम जगदीशपुरा के आनंद नगर निवासी उत्तम चंद उर्फ पप्पू की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड का खुलासा कर दिया। चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि तीन आरोपी और मृतक एक ही जूता फैक्टरी में काम करते थे। उत्तम ने आरोपियों से आठ महीने पहले 14 हजार रुपये उधार लिए थे। उधारी नहीं चुकाने पर उनकी हत्या की गई थी।
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थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार के मुताबिक, जगदीशपुरा की गली नगर नौ स्थित आनंद नगर निवासी उत्तम चंद उर्फ पप्पू पुत्र ओमप्रकाश खतैना स्थित एक जूता फैक्टरी में काम करते थे। बेटा प्रिंस उर्फ भोलू बुधवार को थाना जगदीशपुरा पहुंचा। उसने पिता के गुम होने के बारे में बताया। पुलिस ने उसे थाना सिकंदरा भेज दिया। यहां फोटो दिखाई गई।
उसने सात सितंबर को मारे गए व्यक्ति को अपना पिता बताया। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराया। इसमें मोहल्ले के ही नरायण सहित तीन को नामजद किया। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए। मगर, वह फरार हो गए। बुधवार को पुलिस ने दबिश देकर बोदला निवासी नरायण, आनंद नगर निवासी मुकेश, जीतू उर्फ चररा और लखनपुर निवासी महेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
सीसीटीवी कैमरे में हुए थे कैद
घटना के खुलासे के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम लगाई थी। मृतक की पहचान के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया था। मृतक के फैक्टरी कर्मचारी होने की आशंका थी। इस पर आसपास की कई फैक्टरी में भी पता किया। उधर, प्रिंस ने थाना जगदीशपुरा में पिता की गुमशुदगी की जानकारी दी। तब पुलिस शनाख्त कर सकी। घटना के दौरान सीसीटीवी कैमरों के फुटेज मिले थे। इसमें चार लोग भागते हुए नजर आ रहे थे। उनमें से ही एक ने गोली मारी थी।
तगादा किया, लेकिन नहीं दे रहा था रुपये
मृतक के बेटे प्रिंस ने पुलिस को बताया कि सात सितंबर की शाम चार बजे से पिता लापता थे। क्षेत्र के जीतू, नरायण और मुकेश अपने साथ ले गए थे। वह पिता के बारे में कुछ नहीं बता रहे हैं। पुलिस ने दबिश देकर जीतू, मुकेश, महेंद्र और नरायण को पकड़ लिया। पूछताछ में बताया कि उत्तम चंद ने लॉक डाउन से पहले और बाद में धीरे-धीरे करके आठ हजार रुपये जीतू और पांच हजार रुपये मुकेश से उधार लिए थे। उत्तम चंद रुपये वापस नहीं कर रहा था। तगादा करने पर मना कर देता था।
शराब पिलाने के बहाने ले गए थे लखनपुर
उत्तम चंद को घटना वाले दिन बुलाया, अमरपुरा में ठेके पर शराब पिलाई। इसके बाद जीतू अपने जीजा महेंद्र सिंह के घर गांव लखनपुर ले गया। यहां भी शराब पिला दी। शराब पीने के बाद उत्तम चंद पैदल घर जाने के लिए निकल आया। तभी पीछे से आकर मुकेश ने तमंचे से गोली मार दी। इसके बाद चारों आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने मुकेश से तमंचा बरामद कर लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार का कहना है कि आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।