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आगराः बढ़ गईं डॉ. अमित टंडन की मुश्किलें, गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश, पढ़िए पूरा घटनाक्रम

Fri, 20 Dec 2019 02:15 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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बाग फरजाना में डॉ. अमित टंडन की कोठी - फोटो : अमर उजाला
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बाग फरजाना स्थित सनराइज डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक डॉ. अनुराग टंडन पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी उनके बड़े भाई डॉ. अमित टंडन का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तारी के लिए डॉ. अमित टंडन की कोठी में दबिश भी दी, लेकिन वह नहीं मिले। उधर, हाईकोर्ट ने हमले के केस में आरोपी डॉ. वैशाली टंडन को भी 23 दिसंबर से थाना हरीपर्वत में हाजिरी लगाने के निर्देश दिए हैं।
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बाग फरजाना में डॉ. कमलेश टंडन का हॉस्पिटल है। उनके बड़े बेटे डॉ. अमित टंडन हॉस्पिटल में बैठते हैं, जबकि हॉस्पिटल के बाहर डॉ. अनुराग टंडन का सनराइज डायग्नोस्टिक सेंटर है। दोनों बेटे मां के साथ एक ही कोठी में रह रहे थे।

छह सितंबर को कोठी में ही डॉ. अनुराग टंडन के सिर में लोहे का एंगल मार दिया गया था। इसका आरोप उनके बड़े भाई डॉ. अमित टंडन पर लगा था। इस मामले में डॉ. अमित, उनकी पत्नी डॉ. वैशाली, कर्मचारी राहुल, दिनेश यादव और उमाशंकर शर्मा के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था। 
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पुलिस ने कर्मचारी राहुल को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। मामले में डॉ. अमित और डॉ. वैशाली ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लिया था। उनकी अग्रिम जमानत पर सुनवाई हुई।

थाना हरीपर्वत पुलिस के मुताबिक, हाईकोर्ट ने डॉ. अमित टंडन का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया, जबकि वैशाली टंडन का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।

हालांकि डॉ. वैशाली टंडन को 23 दिसंबर से रोजाना हाजिरी लगाने थाना हरीपर्वत जाना होगा। बृहस्पतिवार को पुलिस ने डॉ. अमित टंडन की गिरफ्तारी के लिए कोठी में दबिश भी दी, लेकिन वह नहीं मिले। पुलिस 30 मिनट तक रुकी। इसके बाद वापस आ गई।
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प्रभारी निरीक्षक और विवेचक पर गिरी थी गाज
इस मामले में थाना हरीपर्वत के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक प्रवीन कुमार मान और विवेचक अनिल कुमार पर गाज गिरी थी। दोनों को लाइन हाजिर किया गया था। बाद में निलंबन की कार्रवाई भी हुई थी। विवेचक ने ठीक से विवेचना नहीं की थी। जबकि निरीक्षक प्रवीन कुमार मान ने ठीक से पर्यवेक्षण नहीं किया था।

कर्मचारी राहुल ही गया था जेल
पुलिस ने डाक्टर अमित टंडन के कर्मचारी राहुल को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उसने पुलिस की पूछताछ में घटना की जानकारी दी थी। बताया था कि अपने भाई के एंगल डा. अमित टंडन ने ही मारा था।

मिल रही हैं धमकी : डॉ. पारुल टंडन
डॉ. पारुल टंडन ने बताया कि उन्हें झूठे केस लगाकर जेल भिजवाने की धमकी मिल रही हैं। राजनीतिक दबाव भी डाला जा रहा है। उनकी जानमाल का खतरा भी पैदा हो गया है। कुछ दिन पुलिस की सुरक्षा मिली थी। इसके बाद सुरक्षा हट गई है। 

 
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