आगरा में 2.82 करोड़ रुपये के डोर-टू-डोर कूड़ा घोटाले में जांच शुरू करते हुए पुलिस ने नगर आयुक्त से उन कर्मचारियों की जानकारी मांगी है, जिन्होंने कूड़ा कलेक्शन कंपनियों के फर्जी बिल पास किए। पुलिस को शक है कि घोटाले में निगम कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है। आरोपी कंपनियों के प्रबंधकों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे लेकिन वे चार दिन बाद भी थाने नहीं आए।
एफआईआर में झांसी की तीन फर्म मैसर्स अरवा एसोसिएट, मैसर्स सोसाइटी फॉर एजुकेशन एंड वेलफेयर, ओम मोटर्स और ग्वालियर की कंपनी मैसर्स एसआरएमटी वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है।
इन फर्म ने मई और जून, 2019 में घरों से कचरा उठाया। आरोप है कि बहुत कम घरों से कूड़ा उठाया गया , जबकि बिल ज्यादा के लगाए गए। इसके लिए फर्जी बिल का सहारा लिया गया। इन पर भुगतान हुआ। नगर निगम ने पहले खुद इसकी जांच की। इसके बाद हरीपर्वत थाना में एफआईआर कराई।