उधर, कार्ड का प्रयोग होने की वजह से पिता को बैंक से मैसेज पहुंच गया। आईएसबीटी थाना हरीपर्वत क्षेत्र में आता है। उन्होंने इंटरनेट से पुलिस का नंबर लिया। इसके बाद व्हाट्सएप पर संपर्क किया। थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल को व्हाट्सएप पर फोटो शेयर की। निरीक्षक सहित कई दरोगा अभिषेक की तलाश में लगाए गए। फोटो की मदद से ट्रांसपोर्ट नगर में अभिषेक को ढूंढ निकाला गया।
पिता बोले, नहीं डांटेंगे
पुलिस की ओर से पिता को सूचना दी गई। बेटे के मिलने से पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रविवार शाम को वह दिल्ली फ्लाइट से आए। इसके बाद आगरा आकर बेटे को अपने साथ ले गए। उनका कहना है कि बेटे को डांटेंगे नहीं। पढ़ाई पर भी जोर नहीं देंगे। वह जैसा चाहता है वैसा ही करेंगे। जिस कॉलेज में बेटे को दाखिला दिलाया है, उसमें परीक्षा के बाद अच्छी रैंक आने पर ही प्रवेश मिलता है।
कई दिनों से तनाव में था
कामयाब होने के लिए नहीं, काबिल होने के लिए पढ़ो, सक्सेस झक मारके पीछे आएगी। थ्री इडियट फिल्म का यह डायलॉग अभिषेक को काफी प्रभावित करता है। उसका कहना है कि वह अपने मन से कुछ कर दिखाना चाहता है, लेकिन इंजीनियरिंग में फंस कर पढ़ाई नहीं कर पा रहा है। इस वजह से कई दिनों से तनाव में था।