आगरा में जेल से आठ दिन की रिमांड पर लिए गए सट्टा किंग श्याम बोहरा से चली लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने 70 और सटोरियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। इन्हें श्याम बोहरा के रैकेट में शामिल बताया गया है। इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए गए हैं। अब इनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
इन आरोपियों में पहला नाम ताजगंज के श्याम बोहरा का है। पांच आरोपी उसके परिवार से हैं। ये हैं उसकी पत्नी राखी बोहरा, बेटा वत्सल, भतीजा प्रतीक बोहरा और कौशल सबरवाल। इनके अतिरिक्त शैलेष अग्रवाल, अंकित अग्रवाल और चंद्रेश जैन हैं। चंद्रेश मैच फिक्सिंग में पहले जेल जा चुका है।
पुलिस ने कई महिलाओं को भी आरोपी बनाया है। ये बोहरा के रैकेट में है। इनमें पंचवटी की ज्योति शामिल है। बोहरा की पत्नी राखी भी सट्टा कराती है। उसकी गिरफ्तारी होने पर और भी नाम शामिल आ सकते हैं। पुलिस का कहना है कि वह महिलाओं को सट्टा कराती है।
शहर से भागे सटारिए
सट्टा किंग श्याम बोहरा को पुलिस ने आठ दिन की रिमांड पर लिया था। उससे कुछ खास बरामद नहीं हो पाया। न ही उसकी संपत्ति का पूरा ब्योरा मिल पाया। इस बीच सिर्फ सटोरियों के नाम उसके मोबाइल फोन से निकले हैं।
इनको ही पुलिस ने आरोपी बनाया है। सीओ छत्ता रितेश कुमार का कहना है कि जिन लोगों की सट्टा लगाने में वायस कॉलिंग है या फिर व्हाट्स एप है, वे ही नामजद किए गए हैं।
चंद्रेश ने बदला ठिकाना
श्याम बोहरा को लेकर पुलिस जयपुर गई, यहां उसके चाचा चंद्रेश का ठिकाना बताया गया था। वो श्याम बोहरा से बहुत बड़ा सटोरिया है। मैच फिक्सिंग केस में भी जेल जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि जयपुर में वो किराये पर रहता था। पुलिस पहुंची तो मकान मालिक ने कहा कि वो मकान छोड़कर जा चुका है। कहां गया, इसका भी पता नहीं चला। सीओ छत्ता रितेश कुमार का कहना है कि उसकी तलाश जारी है।
भंडारे में होती है सटोरियों की मुलाकात
आगरा के बड़े सटोरिये साल में एक बार राजस्थान में बड़ा भंडारा कराते हैं, इनमें लजीज पकवान बनवाए जाते हैं। आगरा से भी कई लोगों को ले जाया जाता है। यहां पर सभी प्रमुख सटोरियों की मुलाकात होती है।
सभी अपनी-अपनी काली कमाई के हिसाब से भंडारे में पैसा लगाते हैं। बोहरा से हुई पूछताछ के हवाले से पुलिस ने बताया कि भंडारा करके सटोरियों को लगता है कि उनके पाप धुल गए।