आगरा के बालाजीपुरम निवासी हेमंत उपाध्याय अपने पिता जय प्रकाश उपाध्याय को खांसी, बुखार और हाई ब्लड प्रेशर के कारण डॉ. विकास जैन को दिखाने ले जा रहे थे। बोदला चौराहे पर पुलिस ने कार रोककर 6500 रुपये का चालान कर दिया। हेमंत ने पुलिसकर्मी को डॉक्टर का पर्चा, अपॉइंटमेंट और बीमार पिता के लैब रिपोर्ट दिखाई लेकिन वह नहीं माने।
प्रमुख सचिव द्वारा निजी चिकित्सकों द्वारा उपचार देने का दावा किया जा रहा है लेकिन पुलिस बीमारों को निजी अस्पताल में जाने ही नहीं दे रही। कई मामलों में पुलिस ने डॉक्टर के अपॉइंटमेंट को दरकिनार करते हुए तीमारदारों का न केवल चालान किया बल्कि उन्हें चौराहे से वापस भी भेज दिया।
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मां को डॉक्टर के पास ले जा रहे थे, किया चालान
आजमपाड़ा के मो. बशीर बुधवार की दोपहर अपनी मां को रेनबो हॉस्पिटल की ओपीडी में दिखाने के लिए ले जा रहे थे। दोनों लोग कार में थे। बोदला चौराहे पर ही उनका 3800 रुपये का चालान कर दिया गया। उन्होंने भी डॉक्टर के पर्चे और जांच रिपोर्ट दिखाई थीं। बशीर ने पुलिसकर्मी से कहा कि अभी छोड़ दो जब डॉक्टर को दिखाकर लौटें तब वह चालान कर दें लेकिन वह नहीं माने।