आगरा में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम से कानून व्यवस्था में बड़ा बदलाव नजर आएगा। इससे जहां जनता को सहूलियत मिलेगी, वहीं अपराध नियंत्रण होगा। जिले को तीन जोन में बांटा जाएगा। इनमें शहरी, पश्चिमी और पूर्वी जोन शामिल हैं। इसके साथ ही प्रस्तावित दो नए सर्किल के साथ 14 सर्किल बन जाएंगे। 44 थाने होंगे। एक -दो दिन में ही अधिकारियों को तैनाती मिलने की उम्मीद है।
पुलिस लाइन में एसएसपी ऑफिस है। इसे हाल ही में कलेक्ट्रेट से शिफ्ट किया गया है। अब पुलिस एसएसपी कार्यालय का नाम बदलकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय हो जाएगा। यहीं पर जनता की सुनवाई हुआ करेगी। महिला अपराध पर अंकुश लगाने के लिए महिला आईपीएस अधिकारी को तैनात किया जाएगा। वह अपराध की निगरानी करेंगी। साइबर एक्सपर्ट भी तैनात किए जाएंगे, जिससे साइबर क्राइम में कमी लाई जा सके।
गाजियाबाद, आगरा और प्रयागराज में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद अब प्रदेश में पुलिस कमिश्नरेट की संख्या सात हो गई है। इससे पहले 13 जनवरी 2020 को लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई थी। 26 मार्च 2021 को कानपुर और वाराणसी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू हुई। तीन जिलों लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में पहले ग्रामीण क्षेत्र को अलग रखा गया था। लेकिन 4 नवंबर 2022 को विस्तार करते हुए ग्रामीण क्षेत्र को भी कमिश्नरेट में शामिल कर लिया गया था। इन जिलों में यह व्यवस्था काफी कारगर साबित हुई है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, इन जिलों में क्राइम कंट्रोल में कामयाबी मिली है।
आगरा के कमिश्नरेट बनने से जोन और रेंज कार्यालय से अलग हो जाएगा। इस तरह से जोन में सात जिले ही रह जाएंगे। इनमें मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस और कासगंज रह जाएंगे। इसी तरह रेंज में मथुरा, फिरोजाबाद और एटा ही रह जाएंगे। आगरा में पुलिसकर्मियों के तबादले लखनऊ स्तर पर हुआ करेंगे। थाना प्रभारी की तैनाती के लिए अनुमोदन के लिए रेंज और जोन कार्यालय नहीं जाना होगा।
कोतवाली कोतवाली, एमएम गेट, नाई की मंडी
फतेहाबाद फतेहाबाद, डौकी, शमसाबाद
बाह बाह, जैतपुर, चित्राहाट
पिनाहट पिनाहट, बसई अरेला, मंसुखपुरा, पिढ़ौरा
बासौनी बासौनी, खेड़ा राठौर और निबोहरा
अछनेरा अछनेरा, मलपुरा, फतेहपुर सीकरी
एत्मादपुर एत्मादपुर, खंदौली, बरहन
खेरागढ़ खेरागढ़, बसई जगनेर, जगनेर
सैंया सैंया, कागारौल, इरादतनगर
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने आगरा में चार नए थाने बनाने का प्रस्ताव भेजा था। इनमें ट्रांसयमुना कॉलोनी, बुंदू कटरा, डौकी और किरावली शामिल थे। कमिश्नरेट बनने से अब यह चार नए थाने भी जल्द बनाए जा सकते हैं।