आगरा पुलिस कमिश्नरेट के भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर 7839860813 पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने पहली कार्रवाई करते हुए एक इंस्पेक्टर, दो दरोगा और तीन सिपाहियों को निलंबित किया। वहीं पीआरवी में तैनात दो सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया है।
हेल्पलाइन नंबर पर पासपोर्ट सत्यापन से लेकर विवेचना में रुपये मांगने तक की शिकायतें आई थीं। पुलिस आयुक्त ने बताया कि शिकायतों का सत्यापन डीसीपी स्तर के अधिकारी से कराया जा रहा है। जिन लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिल रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। घूस मांगने के मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच के बाद केस भी दर्ज होंगे। आरोपी पुलिसकर्मियों को जेल भेजा जाएगा।
थाना सिकंदरा में तैनात निरीक्षक शैलेंद्र सिंह को विवेचना में रुपयों का लेन-देन करने का दोषी पाया गया। उनके खिलाफ पीड़ित ने शिकायत की थी। बताया था कि उससे विवेचना के लिए रुपयों की मांग की जा रही है। थाना निबोहरा में तैनात एसआई सुमित राठी को भ्रष्टाचार और अपराधी किस्म के लोगों से मेलजोल रखने के मामले में दोषी पाया गया। उन्होंने भी रुपयों की मांग की थी। इसी तरह थाना फतेहाबाद में तैनात एसआई ज्ञान प्रकाश को भ्रष्टाचार एवं विवेचना संबंधी लापरवाही के लिए दोषी पाने पर निलंबित किया गया।
मुख्य आरक्षी रिंकू, आरक्षी हरपाल सिंह और संजीव कुमार पीआरवी 112 पर तैनात थे। उन पर जनता से रुपयों की वसूली की शिकायत की गई थी। यह जांच में सही पाई गई। इस पर उनके खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई। उधर, आगरा से संबद्ध 30वीं वाहिनी पीएसी गोंडा के सिपाही राहुल सिंह कुंतल और अलीगढ़ के सिपाही अभिलाख को जनता से रुपयों की वसूली करने के मामले में लाइन हाजिर किया गया है। उनके निलंबन की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट संबंधित जिलों में भेजी जाएगी।
हर दिन 100 शिकायतें, पुलिस विभाग की कम
पुलिस आयुक्त ने बताया कि भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर पर हर दिन 100 से अधिक शिकायतें मिल रही हैं। इनमें काफी शिकायतें अन्य विभागों की हैं। इस पर अपील की जाती है कि लोग आगरा कमिश्नरेट में तैनात पुलिसकर्मियों के भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत ही दर्ज कराएं। यह कार्रवाई निरंतर चलती रहेगी। शिकायत के संबंध में लोग काॅल रिकार्डिंग, सीसीटीवी फुटेज, वीडियो फोटो, स्क्रीनशाट, पैसों के लेन-देन से संबंधित कोई भी साक्ष्य उपलब्ध करा सकते हैं। शिकायत सही मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।