कर्मचारी कर रहे थे काम
एसपी सिटी ने बताया कि फैक्टरी में ड्रमों में नकली सैनिटाइजर के साथ ही केमिकल भरा हुआ था। एक मशीन से इसे छोटी बोतलों में भरा जा रहा था। कर्मचारी इस काम में लगे थे। सैनिटाइजर के अलावा हैंड वाश, टायलेट-फ्लोर क्लीनर भी बन रहा था। पूछताछ में पता चला कि फैक्टरी कमला नगर के कर्मयोगी एन्क्लेव निवासी नीलेश जैन और मीनाक्षी पुरम निवासी राजकुमार जैन संचालित कर रहे हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की गई।
दिल्ली से खरीदकर लाते हैं केमिकल
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी दिल्ली से आइसो प्रोपाइल अल्कोहल 80-85 रुपये प्रति लीटर में खरीदकर लाते हैं। यह चार-पांच विक्रेताओं के पास ही मिलता है। इसमें पानी मिलाकर सैनिटाइजर तैयार करते हैं। इसमें ग्लिसरीन, बैंजो क्लोराइड, फ्रिगनेंट और कलर भी मिलाया जाता है। एक लीटर आइसो प्रोपाइल अल्कोहल से पांच-छह लीटर सैनिटाइजर तैयार किया जा रहा था।
पांच लीटर की एक एक कट्टी को 400 रुपये तक में बेच रहे थे। छोटी बोतलें भी तैयार की जा रही थीं। सैनिटाइजर और हैंडवाश बनाने के लिए आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी के यहां से लाइसेंस लेना आवश्यक होता है, जबकि फैक्टरी संचालकों ने कोई लाइसेंस नहीं लिया था। इस सैनिटाइजर को चेक करने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। इसका लोगों की त्वचा पर असर पड़ सकता था।
कंप्यूटर की फर्म के नाम पर पर खरीदते थे केेमिकल
पुलिस की पड़ताल में पता चला कि आरोपी नीलेश की संजय प्लेस में पैराडाइज टेक्नो शॉप के नाम से कंप्यूटर की दुकान है। इसका जीएसटी में पंजीकरण भी है। आरोपी इसी फर्म के नाम पर दिल्ली से केमिकल खरीदकर लाते थे। केमिकल की बिक्री भी पैराडाइज के नाम से ही कर रहे थे।
ये हुई बरामदगी
पुलिस ने फैक्टरी से नकली सैनिटाइजर 2500 लीटर, टायलेट क्लीनर (500-500 एमएल के 200 पीस), हैंड वॉश (500 एमएल के 300 पीस), डिस वाश (500 एमएल के 500 पीस), ग्लास क्लीनर (500 एमएल के 250 पीस), फ्लोर क्लीनर (500 एमएल के 500 पीस) बरामद किया है।
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