ओडिशा से गांजा लेकर आने के बाद प्रधान पति होशियार सिंह और प्रापर्टी डीलर विशाल अग्रवाल राजस्थान के भिवाड़ी और करौली लेकर जाते थे। 90 फीसदी गांजा की बिक्री यहीं करते थे। बाकी माल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में बेचते थे।
महीने में 1500 किलोग्राम तक गांजा बेच लेते हैं। सीओ श्यामकांत ने बताया कि विशाल अग्रवाल और होशियार सिंह दोनों ही मास्टरमाइंड हैं। सवा साल से गांजा की तस्करी कर रहे हैं। दोनों ओडिशा के भुवनेश्वर का अमरजीत बावला से गांजा लेकर आते हैं।
वहां गांजा की कीमत 4100 से 4500 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि मास्टरमाइंड इसे 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम में बाजार बेच देते हैं। 90 फीसदी गांजा राजस्थान के करौली निवासी सिमरन उर्फ नीटू और भिवाड़ी के मनोज गूजर खरीदते हैं।
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एक महीने में 1500 किलोग्राम गांजा की सप्लाई कर देते हैं। फोन पर गांजा की कीमत तय करने के बाद गाड़ी भेजते थे। किसी को शक न हो, उसके लिए विशाल लग्जरी गाड़ी में चलता था। अमरजीत कानपुर और आगरा में आकर होटल में रुकता था।
एसओ जगदीशपुरा ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों से पता चला है कि दोनों गांजा की सप्लाई राजस्थान के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मेरठ आदि में भी करते थे।
पुलिस टीम में सीओ एसटीएफ श्यामकांत, इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार, सिपाही सतपाल, नाहर सिंह, रविंद्र के अलावा एसओ जगदीशपुरा अरविंद कुमार, सिपाही ब्रजराज, अरविंद आदि शामिल रहे।