दिल्ली में बना लिया था ठिकाना
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी अंकुश मंगल मूलरूप से जगनेर का रहने वाला है। उसने कई साल पहले कमला नगर की ब्रजधाम कालोनी में घर खरीद लिया था। उसने शुरुआत जुआ कराने से की थी। इसके बाद वो क्रिकेट सट्टे की बुक चलाने लगा। अंकुश मंगल पर मुकदमे तो दर्ज किए गए, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की जा सकी।
पुलिस की दबिश देने से पहले ही वो भाग निकलता था। इसके पीछे पुलिस की दबिश की सूचना लीक होना था। उसके गुर्गे दूसरे जनपदों में सक्रिय हैं। वह बुक चलाते थे। चर्चा यह भी है कि उसका खुद का बैटिंग एक्सचेंज है। हालांकि पुलिस अभी जांच में लगी है।
चार साल पहले छोड़ा था आगरा
चार साल पहले अंकुश आगरा से चला गया था। वह कैंसर से पीड़ित अपनी पत्नी के इलाज के लिए दिल्ली चला गया। वहीं एक फ्लैट भी खरीद लिया। दिल्ली से ही अपना नेटवर्क चला रहा था। गुपचुप तरीके से आगरा आता था। अपने गर्गों से मिलकर जाता था। हाल ही में कानपुर पुलिस ने करोड़ों का सट्टा पकड़ा था। इसमें उसका भी नाम सामने आया था। तब से पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थी।
अंकुश के साथ और भी आरोपी
थाना न्यू आगरा में प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह ने गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया। इसमें अंकुश अग्रवाल उर्फ अंकुश मंगल के अलावा उसके साथी जगनेर निवासी राजू उर्फ राजेंद्र मंगल, सुभाष नगर निवासी सौरभ अग्रवाल, सिकंदरा स्थित सिल्वर एस्टेट निवासी तरुण खन्ना, सीताराम कालोनी निवासी अंशुल अग्रवाल, जीवनी मंडी स्थित मयूर अपार्टमेंट निवासी संजय कुमार और कर्मयोगी एन्क्लेव निवासी आशीष उर्फ आशू सिंघल को नामजद किया है। मुकदमे में लिखा है कि आरोपियों का संगठित गिरोह है। वह समाज विरोधी क्रियाकलाप में शामिल रहते हैं, जिससे जनता में भय और आतंक व्याप्त है।
भूमिगत हुए सटोरिये
पुलिस की अंकुश पर कार्रवाई के बाद शहर के सटोरिये भूमिगत हो गए हैं। चर्चा है कि उन्होंने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए है। घरों से फरार हो गए हैं। अंकुश के साथी भी भूमिगत हो गए हैं। हालांकि इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी है।
श्याम वोहरा पर कसा था शिकंजा
वर्ष 2018 में क्रिकेट सट्टे के मामले में बड़े सटोरिये श्यमा वोहरा पर शिकंजा कसा गया था। तब एसएसपी अमित पाठक थे। वो पहले नोएडा में पकड़ा गया। जेल से छूटने के बाद आगरा में पकड़ा गया था। बाद में उसने आगरा छोड़ दिया था। उसके जाने के बाद सटटे में अंकुश मंगल बड़ा नाम हो गया।