आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने बीते एक वर्ष में अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने 1 अप्रैल, 2025 से 31 मार्च, 2026 तक की अवधि के लिए जारी रिपोर्ट कार्ड में यह जानकारी दी।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से कुल 1927 अपराधियों को सजा मिली। इनमें पांच को मृत्युदंड और 129 को आजीवन कारावास शामिल है। बीते वर्ष पुलिस मुठभेड़ में 153 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और चार बदमाशों की गोली लगने से मौत हुई। लूट के मामलों में करीब 37 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जो 43 से घटकर 27 रह गए। वाहन चोरी के मामले 834 से घटकर 717 और घर में घुसकर चोरी के मामले 254 से घटकर 217 हो गए।
हत्या के मामले 28 से घटकर 25, दहेज हत्या 53 से 49 और दुष्कर्म के मामले 87 से घटकर 28 रह गए। दहेज उत्पीड़न के मामले भी 752 से घटकर 631 हो गए। साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई में 11,987 शिकायतों का निस्तारण कर 7.12 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए। इसके अतिरिक्त 23.78 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए और ‘ऑपरेशन कोड ब्रेक’ के तहत 40 से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
वहीं सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के खिलाफ 6,055 लोगों पर कार्रवाई की गई। यातायात नियमों के उल्लंघन में 8,664 चालान हुए 291 वाहन सीज किए गए। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में 16 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए, एक को बर्खास्त भी किया गया।
आपातकालीन सेवाओं में सुधार का दावा
उन्होंने बताया कि यूपी-112 सेवा का रिस्पॉन्स टाइम 6.19 मिनट रहा। 104 पीआरवी वाहनों की तैनाती से आपात सेवाएं मजबूत हुईं। इन प्रयासों से नागरिकों को त्वरित सहायता उपलब्ध हो सकी और पुलिस कमिश्नरेट ने कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।