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Agra: बिना QR-कोड और कलर-कोडिंग के बिना नहीं चलेंगे ई-रिक्शा, वृंदावन मॉडल होगा लागू; ऑटो के रूट भी होंगे तय

Tue, 12 May 2026 10:41 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में बढ़ते जाम को कम करने के लिए परिवहन विभाग ऑटो और ई-रिक्शा पर नया नियम लागू करने की तैयारी में है। अब रूट निर्धारण के साथ वाहनों पर अलग रंग और QR कोड लगाए जाएंगे, जिससे निगरानी आसान होगी।
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ई-रिक्शा और ऑटो चालक। संवाद
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विस्तार
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आगरा में जाम की समस्या का बड़ा कारण ऑटो और ई-रिक्शा की तेजी से बढ़ रही संख्या को भी माना जाता है। संभागीय परिवहन विभाग वृंदावन मॉडल लागू कर इनकी संख्या नियंत्रण करने की तैयारी कर रहा है। रूट निर्धारण, कलर और क्यूआर कोड ऑटो व ई-रिक्शा पर होंगे। यह प्रस्ताव संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में रखने की तैयारी है।
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संभागीय परिवहन विभाग में करीब 13 हजार ऑटो और छह हजार से अधिक ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन है। ई-रिक्शा की संख्या रोकने के लिए विभाग ने कुछ साल पहले रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाई थी लेकिन ई-रिक्शा एजेंसी वाले न्यायालय से आदेश ले आए थे। अब विभाग दूसरी तरह से संख्या नियंत्रण के प्रयास में लगा है। इसके लिए वाराणसी और वृंदावन मॉडल को लागू करने किया जा सकता है। वहां पर रूट निर्धारण से क्यूआर कोड सिस्टम तक लागू किया गया है। इससे जाम की समस्या भी कम हुई है।

शहर के हर चौराहे पर ऑटो और ई-रिक्शा के कारण जाम लगा रहता है। एआरटीओ (प्रवर्तन) आलोक कुमार ने बताया कि वृंदावन में ई-रिक्शा और ऑटो के लिए नियम निर्धारित किए हैं। उसी तरह का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पहले तो संख्या के हिसाब से रूट का निर्धारण किया जाएगा। इसके साथ अलग-अलग कलर और क्यूआर कोड होगा, जिससे रूट के हिसाब से ऑटो की आसानी से पहचान हो सकेगी। क्यूआर कोड में ऑटो और चालक की सारी जानकारी होगी। यह प्रस्ताव जल्द आरटीए की बैठक में रखा जाएगा।
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लंबे समय से रूट की कवायद
ऑटो के रूट निर्धारण की कवायद लंबे समय से चल रही है। हर बार प्रस्ताव कागजों से आगे नहीं बढ़ पाता है। कभी भी कोई हादसा होने पर नियम की याद अधिकारियों को आती है। अब एक बार फिर से ऑटो व ई-रिक्शा संख्या निर्धारण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह प्रस्ताव लागू होता है तो लोगों को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
 
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