आगरा फोर्ट स्थित प्रधान डाकघर में पासपोर्ट कार्यालय शुरू किए जाने की घोषणा होते हुए डाक विभाग के आला अफसर तक हरकत में आ गए। यहां एक साल पहले विदेश मंत्रालय की निगरानी में कार्यालय तैयार हो गया था।
तब से अभी तक ध्यान नहीं दिया गया। उपकरण तक नहीं आए हैं। कर्मचारियों की ट्रेनिंग नहीं हुई। अब 27 फरवरी की तारीख नजदीक आते ही सभी कमियों पर ध्यान गया है।
सोमवार को अधिकारियों ने मुआयना किया। दो डाक सहायकों को ट्रेनिंग पर गाजियाबाद भेजा जा रहा है। जल्द ही उपकरण आने की संभावना भी बन गई है।
पासपोर्ट कार्यालय को अप्रैल 2017 में हरी झंडी मिली थी। इसके बाद आगरावासियों को उम्मीद जागी थी कि अब पासपोर्ट आगरा में बनाए जाने से गाजियाबाद के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन काफी समय तक कार्यालय शुरू नहीं हो सका।
अब एससी आयोग के अध्यक्ष ने 27 फरवरी से पासपोर्ट कार्यालय के औपचारिक शुरुआत की बात कही है। इसके बाद डाक विभाग के अधिकारी भी हरकत में आ गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि पासपोर्ट कार्यालय में तैनाती के लिए आगरा से दो डाक सहायक अंकित अरोरा और तरुण कुमार को सात दिन की ट्रेनिंग के लिए गाजियाबाद भेजा जा रहा है।
ट्रेनिंग बुधवार से शुरू होगी। फिर दोनों डाक सहायक प्रमाणन अधिकारी (वीओ) बनाए जाएंगे। सहायक निदेशक डाक सेवाएं बी. आर्या का कहना है कि विभाग की ओर से पूरी तैयारी है। विदेश मंत्रालय को कार्य करना है। उपकरण स्थापित करने हैं।
आगरा में भी सिर्फ सत्यापन होगा
झांसी में पासपोर्ट सेवा केंद्र दस माह से संचालित किया जा रहा है। पहले झांसी के लोगों को कानपुर की दौड़ लगानी पड़ती थी। अब पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों का सत्यापन इसी केंद्र से होता है।
इसी तरह आगरा में भी पासपोर्ट केंद्र से आवेदकों का सत्यापन ही हो सकेगा। पासपोर्ट गाजियाबाद से बनकर आएगा। इसमें आवेदक के कागजात, फोटो का आनलाइन वेरीफिकेशन होगा।
इसके बाद पुलिस की रिपोर्ट लगेगी। पुलिस वेरिफेकिशन के बाद पासपोर्ट के आवेदन को गाजियाबाद भेजा जाएगा, जहां से आवेदक के घर डाक द्वारा पासपोर्ट पहुंच सकेगा।
झांसी पासपोर्ट सेवा केंद्र से सत्यापित होकर पासपोर्ट के घर पहुंचने की प्रक्रिया में 15 से 20 दिन का समय लग रहा है। आगरा में भी इसी तरह पर केंद्र से सत्यापन कार्य होगा।