डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पेपर लीक मामले में जिस कोचिंग संचालक का नाम आया है, उसके बारे में स्पष्ट हो गया है कि वह आगरा कॉलेज का रसायन विज्ञान विषय का शोधार्थी है। अब यह भी पता किया जा रहा है कि शोधार्थी ने मुख्य परीक्षा में ड्यूटी दी थी कि नहीं। आगरा कॉलेज के प्रशासन की ओर से मुख्य परीक्षा में शोधार्थियों की भी ड्यूटी लगाई गई थी।
बनाई गई जांच समिति
कोचिंग संचालक से किन शिक्षकों के तार जुड़े हैं, कौन-कौन शिक्षक कोचिंग में जाकर पढ़ाते थे सहित अन्य जानकारियां जुटाने के लिए आगरा कॉलेज के प्राचार्य की ओर से पांच सदस्यीय आंतरिक जांच समिति बनाई गई है। इसमें कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षकों को रखा गया है। जांच समिति को रिपोर्ट देने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ल ने बताया कि प्राथमिक तौर पर यह पता लग गया है कि पेपर लीक मामले में जिस कोचिंग संचालक का नाम आया है, जिसके यहां से प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों तक पहुंचते थे, वह कॉलेज का शोधार्थी है।