आगरा के जगदीशपुरा में एक ऑयल फैक्टरी से मशीन, सामान और नकदी चोरी होने के मामले में पीड़ित ने खुद चोरी का माल खोजने का दावा किया है। उनका आरोप है कि पुलिस को मौके पर ले जाने के बावजूद सामान जब्त नहीं किया गया और एक व्यक्ति को छोड़ दिया गया।
आगरा के जगदीशपुरा स्थित एक ऑयल फैक्टरी से सामान, मशीन और नकदी चोरी कर ली गई। मामले में 23 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज हुई। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने खुद ही माल को खोज लिया। पुलिस को बुलाकर दिखाया मगर माल को जब्त नहीं किया गया। जिस दुकान में माल रखा मिला, उसके संचालक को भी थाने से छोड़ दिया। पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की है।
विज्ञापन
वैभव एस्टेट, जगदीशपुरा निवासी सर्वेश शाक्य ने बताया कि उन्होंने 24 सितंबर को थाना जगदीशपुरा में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि बीधा नगर, शाहगंज-बोदला रोड पर एक दुकान और प्लॉट किराये पर लिया था। इसके लिए 11 लाख रुपये एडवांस दिए थे। इसमें वो वर्ष 2015 से ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल चला रहे हैं। वर्तमान में एक ऑयल कंपनी खोल ली। इस कारण विपक्षी रंजिश मानने लगे। दुकान और प्लॉट खाली करने की कहने लगे। इस पर उन्होंने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दे दिया।
आरोपियों ने 1 सितंबर को दुकान की दीवार तोड़कर लाखों का सामान और नकदी चोरी कर लिया। उन्हें पता चला कि सामान चोरी के बाद डौकी क्षेत्र में एक दुकान में छिपाकर रखा गया था। 11 अक्तूबर को वो पुलिस के साथ गए। वहां पर सामान मिला। आरोप लगाया कि पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में नहीं लिया। पकड़े गए एक व्यक्ति को भी छोड़ दिया। मामले में एसीपी गौरव सिंह ने बताया कि साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। दुकान में एक मशीन रखी मिली थी। यह किसकी है, इसकी पुष्टि नहीं हुई। दुकान संचालक को नोटिस दिया गया है। अगर वो मशीन के बारे में साक्ष्य नहीं दे सका तो केस में बरामदगी की धारा की वृद्धि की जाएगी।