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कागजी आंकड़े पूरे, करोड़ों खर्च के बाद भी काम अधूरा, जिला ओडीएफ घोषित

Mon, 05 Nov 2018 08:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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ओडीएफ कार्यक्रम में सीडीओ और भाजपा विधायक व अन्य लोग - फोटो : अमर उजाला
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत जिले को सोमवार को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) घोषित कर दिया गया। सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित ओडीएफ समारोह में मुख्य विकास अधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने इसकी घोषणा की। 
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पंचायतीराज विभाग का दावा है कि 945 गांवों को खुले में शौचमुक्त किया गया है। वास्तविकता यह है कि अधिकांश गांवों में अब भी शौचालय अधूरे पड़े हैं। तमाम घरों में शौचालय बन भी नहीं सके हैं। करोड़ों की धनराशि खर्च करने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है।
 
समारोह में मुख्य अतिथि फतेहपुरसीकरी के विधायक चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि शरीर की स्वच्छता से ही विचारों की स्वच्छता है। संकीर्ण सोच को त्यागें। लोगों की गलत आदतों के कारण सड़कों पर अतिक्रमण बढ़ा है। 40 फुट की सड़क 15 फुट की रह गई है। 
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गांव की तस्वीर बदली

सरकार ने स्वच्छता की मुहिम लोगों की आदतों में सुधार करने के लिए छेड़ी है। अब काफी हद तक गांवों की तस्वीर बदली है। सीडीओ रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि सभी के सहयोग से जिले के ग्रामीण अंचल को ओडीएफ घोषित करने में सफलता हासिल की है। 

उन्होंने कहा कि ओडीएफ की तरह ही अन्य सरकारी योजनाओं की सफलता के लिए भी ग्रामीण सहयोग करें। साथ ही जिन गांवों में शौचालय नहीं बन सके हैं। अब नए सिरे से सर्वे कराने के बाद शौचालय बनवाए जाएंगे। इसके बाद सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। 

इस मौके पर जिला स्वच्छता टीम, जिला समन्वयक गौरव कुमार, ब्लाक प्रमुख, प्रधान, बीडीओ, प्रेरकों और मिसाल पेश करने वाले ग्रामीणों को भी पुरस्कृत किा गया। बकरी और साइकिल बेचकर शौचालय बनवाने वाले दीपचंद को सीडीओ ने साइकिल और एक हजार रुपये का नगद इनाम दिया। 

डीएम और जनप्रतिनिधियों ने बनाई दूरी

जिले के सभी 15 ब्लाकों को ओडीएफ घोषित किया गया है, लेकिन वास्तविकता से सभी वाकिफ हैं। इसके चलते जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार, दोनों सांसद और आठ विधायक भी समारोह में शिरकत करने नहीं पहुंचे। हालांकि जनप्रतिनिधियों ने व्यस्तता के कारण नहीं आने की बात कही है। उधर, पंचायत अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के कारण लोग नहीं आ सके। 
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