हाईवे पर ही नहीं शहर के अंदर भी भारी वाहनों से हादसे हो रहे हैं। नो एंट्री के समय पुलिस की शह पर वाहन अंदर प्रवेश करते हैं। थाने और चाैकियों के सामने से गुजरने के बावजूद इन पर कोई रोक-टोक नहीं है। समाजसेवी शक्ति सिंह का कहना है कि शहर का कोई ऐसा इलाका नहीं जहां पर भारी वाहन दिन में भी प्रवेश न कर रहे हों। आवास विकास काॅलोनी में दिनभर ईंट, मिट्टी, रेत से भरे ट्रैक्टर ट्राॅली, ट्रक चलते रहते हैं। सुबह से लेकर शाम तक इन वाहनों को कोई पुलिसकर्मी रोकता नहीं है। कई बार हादसों के बाद भी अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
बोदला रोड पर ईंट मंडी खुलेआम चल रही है। सेक्टर-7 और 11 में बालू बिक्री की दुकान है। इनसे ट्रैक्टर ट्राॅली और ट्रक दिन में ही निकलने लगते हैं। कोठी मीना बाजार तक जाते हैं। इन पर पुलिस भी कोई रोक नहीं लग पा रही है। इसी तरह मेट्रो और सीएम ग्रिड के कार्य में लगे ट्रैक्टर ट्राॅली, ट्रक और डंपर भी शहर में कई जगह प्रवेश कर रहे हैं। इस पर संबंधित विभाग के साथ ही पुलिस का भी ध्यान नहीं है। स्कूलों के खुलने और छुट्टी के समय भी इनके निकलने से जान का खतरा बढ़ गया है।
लोक निर्माण विभाग के डंपर ने सदर क्षेत्र में प्रवेश किया, जिससे बुधवार को हादसा हुआ। सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग ने कोई अनुमति ली थी या नहीं। रात 11 बजे के बाद ही शहर में भारी वाहन प्रवेश कर सकते हैं। सुबह 5 बजे तक नो एंट्री खुली रहती है। इसके बाद शहर में वाहनों का प्रवेश नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद नियम का पालन नहीं हो रहा है।
हादसों के बाद लोग कर चुके हैं हंगामा
कई साल पहले आवास विकास काॅलोनी में ईंट से लदे एक ट्रक की चपेट में आकर स्कूली छात्रा का पैर कट गया था। इस घटना के बाद लोगों ने हंगामा किया। आबादी वाले क्षेत्र में भारी वाहनों के निकलने पर सवाल खड़े किए थे। एक महीने पहले आरबीएस काॅलेज के पास नगर निगम के वाहन की चपेट में आने से दो छात्र घायल हो गए थे। इस घटना के बाद छात्रों ने हंगामा किया।
एडीसीपी ट्रैफिक अलका सिंह ने बताया कि डंपर लोक निर्माण विभाग का बताया गया है। इसके पास अनुमति थी या नहीं, इसकी जानकारी की जा रही है। संबंधित विभाग से जवाब-तलब किया जाएगा। नो एंट्री में कहीं भारी वाहनों का प्रवेश हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।