Located 30 kilometers from Agra, near the Gwalior Highway on the Rajasthan border, on the banks
- फोटो : samvad
सैंया। मुगल काल में पार्वती नदी के किनारे बनी संरक्षित स्मारक सराय जाजऊ अनदेखी से बदहाल और अतिक्रमण का शिकार होने लगी है। कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। राजस्थान सीमा पर पार्वती नदी किनारे मुगल काल में सराय जाजऊ का का निर्माण कराया गया था। इनका निर्माण मुगल फौज के रुकने के लिए कराया गया था। घुड़साल, पेयजल के लिए बावड़ी और नमाज के लिए मस्जिद बनी हुई है। उत्तर और दक्षिण दिशा में बड़े बड़े फाटक वाले दो गेट हैं। अलीगढ़ व अन्य स्थानों से मुस्लिम शिक्षाविद यहां पहुंचकर सराय का अवलोकन भी करते रहते हैं।
एएसआई संरक्षित सराय जाजऊ का रखरखाव नहीं होने से यह खंडहर में बदल रही है, वहीं यहां पर अवैध कब्जे भी किए जा रहे हैं। कई लोग यहां अपने वाहनों की पार्किंग कर रहे हैं तो कई गेट और सराय के बीच व्यावसायिक गतिविधियों को कर रहे हैं। एएसआई संरक्षित स्मारकों के 100 मीटर के अंदर कोई नया निर्माण नहीं किया जा सकता, लेकिन लगातार निर्माण किए जा रहे हैं।
एएसआई के संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि सराय जाजऊ का संरक्षण पूर्व में किया गया था। यहां स्मारक के अंदर कोई गतिविधि नहीं की जा रही है। कोई करेगा तो कार्रवाई की जाएगी।