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गैंगस्टर की समय पूर्व रिहाई के लिए दया याचिका पर रार, भाजपा नेता ने बताया परिवार की जान को खतरा

Sun, 26 Jul 2020 04:19 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने बताया परिवार की जान को खतरा
  • पार्टी के कई सांसद और विधायक गैंगस्टर की रिहाई के समर्थन में
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
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विस्तार
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बरेली सेंट्रल जेल में बंद सजायाफ्ता गैंगस्टर अशोक दीक्षित की समय पूर्व रिहाई के लिए दया याचिका पर रार शुरू हो गई है। एक तरफ भाजपा के कई सांसद और विधायकों ने रिहाई का समर्थन किया है, दूसरी तरफ फिरोजाबाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने गैंगस्टर से अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए इसका विरोध किया है।

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बरेली जेल अधीक्षक ने इस संबंध में जिलाधिकारी आगरा से संस्तुति रिपोर्ट मांगी है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि दया याचिका की फाइल आई है। उस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। मेरिट के आधार पर निर्णय करेंगे।
 

मूलरूप से फिरोजाबाद निवासी अशोक दीक्षित पर हत्या सहित गंभीर अपराध के 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। 12 साल की सजा काट चुका है। 70 वर्ष से अधिक उम्र है। ऐसे में शासनादेश का हवाला देते हुए पुत्री की पैरवी पर वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीश गौड़, मुख्यालय कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं ने बरेली सेंट्रल जेल अधीक्षक से रिहाई के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए थे।
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फिरोजाबाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी नारायण यादव ने रिहाई पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। 

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बसपा टिकट पर लड़ा चुनाव

डॉ. लक्ष्मी नारायण ने शासन को भेजी आपत्ति में कहा है कि अभियुक्त 2007 में फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से बीएसपी टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुका है। 2017 में उसकी पुत्री भाजपा में शामिल हो गई। समय पूर्व रिहाई के समर्थन में भाजपा के कई सांसद-विधायकों से पत्र लिखवाए।  

भाई व बच्चे की हत्या का आरोप

पूर्व जिलाध्यक्ष का आरोप है कि 2007 में अशोक दीक्षित व उसके गुर्गों ने भीड़ भरे चौराहे पर उनके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनके साढ़े चार साल के बच्चे को गोली लगी। फिरोजाबाद के दक्षिण थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। न्यायालय ने हत्या के मामले में आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
 
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