बरेली सेंट्रल जेल में बंद सजायाफ्ता गैंगस्टर अशोक दीक्षित की समय पूर्व रिहाई के लिए दया याचिका पर रार शुरू हो गई है। एक तरफ भाजपा के कई सांसद और विधायकों ने रिहाई का समर्थन किया है, दूसरी तरफ फिरोजाबाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने गैंगस्टर से अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए इसका विरोध किया है।
बरेली जेल अधीक्षक ने इस संबंध में जिलाधिकारी आगरा से संस्तुति रिपोर्ट मांगी है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि दया याचिका की फाइल आई है। उस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। मेरिट के आधार पर निर्णय करेंगे।
मूलरूप से फिरोजाबाद निवासी अशोक दीक्षित पर हत्या सहित गंभीर अपराध के 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। 12 साल की सजा काट चुका है। 70 वर्ष से अधिक उम्र है। ऐसे में शासनादेश का हवाला देते हुए पुत्री की पैरवी पर वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीश गौड़, मुख्यालय कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं ने बरेली सेंट्रल जेल अधीक्षक से रिहाई के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए थे।
फिरोजाबाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी नारायण यादव ने रिहाई पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।