आगरा। चोरी के आरोपी की पिटाई के मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने पर इंस्पेक्टर शाहगंज विरेश पाल गिरि कोर्ट की अवमानना में फंस गए हैं। पुलिस ने जिला जज की कोर्ट में रिवीजन दायर किया था। मगर उसे स्वीकार नहीं किया है। जिला जज ने सुनवाई के लिए रिवीजन एडीजे प्रथम की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया है। यह रिवीजन स्वीकार करने योग्य है या नहीं? इस पर बहस होगी।
शाहगंज पुलिस ने 16 सितंबर को गढ़ी भदाैरिया निवासी नितिन उर्फ कालू को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। अदालत में आरोपी ने पुलिस पिटाई की बात बताई थी। मेडिकल में चोटों की पुष्टि होने पर विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने विवेचना कर रहे दोनों दरोगा और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे के आदेश किए थे। इंस्पेक्टर शाहगंज से तीन दिन में एफआईआर की प्रति कोर्ट में भेजने के लिए आदेशित किया था। मगर पुलिस ने प्रति नहीं भेजी। कोर्ट ने अब इसे आदेश की अवहेलना माना है। इस पर कोर्ट ने कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त और डीजीपी को पत्र भेजा है। वहीं इंस्पेक्टर शाहगंज को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर 24 सितंबर को अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।