मदिया कटरा के विवेक के पास भी फोन आया। दूसरी ओर से कहा गया कि खाते में पैसा जमा कराना है। पास में उसके जीजा रहते हैं, वे तकलीफ में हैं। जीजा का नाम बताया। इसके बाद बार कोड भेज दिया। उससे कहा कि इसे स्कैन करते ही खाते में पैसा आ जाएगा, सिर्फ खाते की डिटेल भरनी है।
विवेक ने पड़ोसी की मदद करने के लिए हां कर दी। उसके पास बार कोड आते रहे, वह स्कैन करके खाते की डिटेल भरता रहा। उसके खाते से 51 हजार निकल गए। इसके बाद साइबर अपराधी ने फोन बंद कर लिया। विवेक ने बताया कि उसने फोन और बैंक खाते की डिटेल निकलवाई तो पता चला कि अपराधी अछनेरा का है।
सदर क्षेत्र की एक महिला ने कुछ दिन पहले ऑनलाइन शॉपिंग साइट से एक सामान मंगाया था। सामान पसंद न आने पर डिलीवरी वापस कर दी। रुपये रिफंड करने के लिए इंटरनेट से कंपनी का कस्टमर केयर नंबर निकाला और बात की। उनसे कुछ दिन में रकम वापस करने को कहा।
पांच जून को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताया। कहा कि आपके रुपये वापस किए जा रहे हैं। इसके लिए खाते की जानकारी देनी होगी। महिला ने खाते की जानकारी देने से मना कर दिया। बाद में साइबर अपराधी ने उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा, जिसमें एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया था।
महिला ने एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद उनसे एप का नंबर पूछा गया। बाद में उनसे मोबाइल एप में खाते की जानकारी अपलोड करने के लिए बोल दिया। महिला के जानकारी भरते ही खाते से तीन बार में 12,500 रुपये निकाल लिए। मामले की जांच साइबर सेल को भेजी गई है।
लॉकडाउन के दौरान हरीपर्वत के टीला माईथान के एक कारीगर के खाते से मुंबई और नोएडा में साइबर अपराधियों ने 51 हजार रुपये की शॉपिंग कर ली। बैंक जाने पर पीड़ित को खाते से रकम निकलने के बारे में पता चला। उन्होंने थाना हरीपर्वत पुलिस से शिकायत की है। मामले की जांच साइबर सेल को भेजी गई है।
मूलरूप से संतकबीर नगर निवासी मिथिलेशजा त्रिपाठी कई साल से टीला माईथान में परिवार सहित रहती हैं। वह आर्टिफीशियल जेवरात के कारखाने में काम करते हैं। लॉकडाउन में कारखाना बंद था। इस कारण घर में ही रह रहे थे। एक जून को उनकी पत्नी रुपये निकालने के लिए बैंक गई थीं। मगर, खाते में 16 हजार रुपये ही थे।
मिथिलेशजा बैंक पहुंचे। खाते की जानकारी पर पता चला कि नवी मुंबई और नोएडा में उनके डेबिट कार्ड से खरीदारी की गई है। खरीदारी 51 हजार रुपये की हुई है। मिथिलेशजा का कहना था कि उन्होंने किसी को खाते की जानकारी नहीं दी। डेबिट कार्ड उनके पास ही है। इसके बावजूद रकम कैसे निकल गई।