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अनलॉक में बढ़ा साइबर अपराध, शातिरों ने चार लोगों को बनाया शिकार, ऐसे की ठगी

Tue, 09 Jun 2020 03:09 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • रिश्तेदार और परिचित बनकर किया फोन, रकम जमा कराने की बात कही
  • बार कोड और एप डाउनलोड कराकर खातों से निकाल ली रकम 
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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किसी को बार कोड भेजा, किसी से एप डाउनलोड कराया... इसी तरह साइबर अपराधियों ने आगरा की एक महिला सहित चार लोगों के खातों से रकम निकाल ली। इनसे 1.53 लाख रुपये निकाले गए। पीड़ितों ने साइबर सेल में शिकायत की है लेकिन न तो एक के भी केस में सुराग मिला, न रकम वापस हुई है। लॉकडाउन के बाद अब अनलॉक में भी साइबर अपराध तेजी से बढ़ा है।

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बार कोड भेजकर निकाल लिए 40 हजार 
यह ठगी कमला नगर के वैभव एन्क्लेव निवासी वरुण गुलाटी के साथ हुई। सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे उनके पास फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वह बोदला निवासी उनका अंकल है, नए नंबर से कॉल किया है। उसने अंकल का नाम भी बताया। 


प्रवीन के बराबर में बैठे उनके पापा ने पूछा कि किसका फोन है। प्रवीन ने कहा कि बोदला वाले अंकल का है। इस पर पापा ने कहा कि ठीक है। अंकल बनकर फोन कर रहे साइबर अपराधी ने कहा कि उसके पास सेना का अधिकारी बैठा है। उसके खाते से वह उसे रकम भेजना चाहता है। एक बार कोड भेजा था। उसे खोलकर वरुण ने चेक करने के लिए पांच रुपये ट्रांसफर किए। 
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उधर से दस रुपये उसके खाते में भेज दिए गए। अब साइबर अपराधी ने कहा कि यकीन हो गया। वह बार कोड भेज रहा है, इससे 20 हजार रुपये खाते में आएंगे। दो बार बार कोड भेजा। वरुण ने स्कैन किया और खाते की डिटेल भर दी। उसके खाते से 40 हजार रुपये निकल गए। इसके बाद साइबर अपराधी ने फोन बंद कर लिया।

मदिया कटरा के युवक के खाते से निकाले 51 हजार 

मदिया कटरा के विवेक के पास भी फोन आया। दूसरी ओर से कहा गया कि खाते में पैसा जमा कराना है। पास में उसके जीजा रहते हैं, वे तकलीफ में हैं। जीजा का नाम बताया। इसके बाद बार कोड भेज दिया। उससे कहा कि इसे स्कैन करते ही खाते में पैसा आ जाएगा, सिर्फ खाते की डिटेल भरनी है। 

विवेक ने पड़ोसी की मदद करने के लिए हां कर दी। उसके पास बार कोड आते रहे, वह स्कैन करके खाते की डिटेल भरता रहा। उसके खाते से 51 हजार निकल गए। इसके बाद साइबर अपराधी ने फोन बंद कर लिया। विवेक ने बताया कि उसने फोन और बैंक खाते की डिटेल निकलवाई तो पता चला कि अपराधी अछनेरा का है।

महिला के मोबाइल पर लिंक भेजकर निकाले 12500

सदर क्षेत्र की एक महिला ने कुछ दिन पहले ऑनलाइन शॉपिंग साइट से एक सामान मंगाया था। सामान पसंद न आने पर डिलीवरी वापस कर दी। रुपये रिफंड करने के लिए इंटरनेट से कंपनी का कस्टमर केयर नंबर निकाला और बात की। उनसे कुछ दिन में रकम वापस करने को कहा। 

पांच जून को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताया। कहा कि आपके रुपये वापस किए जा रहे हैं। इसके लिए खाते की जानकारी देनी होगी। महिला ने खाते की जानकारी देने से मना कर दिया। बाद में साइबर अपराधी ने उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा, जिसमें एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा गया था। 

महिला ने एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद उनसे एप का नंबर पूछा गया। बाद में उनसे मोबाइल एप में खाते की जानकारी अपलोड करने के लिए बोल दिया। महिला के जानकारी भरते ही खाते से तीन बार में 12,500 रुपये निकाल लिए। मामले की जांच साइबर सेल को भेजी गई है।
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नोएडा और नवी मुंबई में कर ली 51 हजार की शॉपिंग 

लॉकडाउन के दौरान हरीपर्वत के टीला माईथान के एक कारीगर के खाते से मुंबई और नोएडा में साइबर अपराधियों ने 51 हजार रुपये की शॉपिंग कर ली। बैंक जाने पर पीड़ित को खाते से रकम निकलने के बारे में पता चला। उन्होंने थाना हरीपर्वत पुलिस से शिकायत की है। मामले की जांच साइबर सेल को भेजी गई है।

मूलरूप से संतकबीर नगर निवासी मिथिलेशजा त्रिपाठी कई साल से टीला माईथान में परिवार सहित रहती हैं। वह आर्टिफीशियल जेवरात के कारखाने में काम करते हैं। लॉकडाउन में कारखाना बंद था। इस कारण घर में ही रह रहे थे। एक जून को उनकी पत्नी रुपये निकालने के लिए बैंक गई थीं। मगर, खाते में 16 हजार रुपये ही थे।

मिथिलेशजा बैंक पहुंचे। खाते की जानकारी पर पता चला कि नवी मुंबई और नोएडा में उनके डेबिट कार्ड से खरीदारी की गई है। खरीदारी 51 हजार रुपये की हुई है। मिथिलेशजा का कहना था कि उन्होंने किसी को खाते की जानकारी नहीं दी। डेबिट कार्ड उनके पास ही है। इसके बावजूद रकम कैसे निकल गई।
 
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