बाह। धर्म संस्कृति की नगरी एवं पौराणिक तीर्थ बटेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के लिए बुधवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। 2 लाख श्रद्धालुओं ने यमुना में डुबकी लगा कर ब्रह्मलाल महाराज को पूजा। कार्तिक पूर्णिमा पर बटेश्वर के घाट पर मंगलवार मध्य रात्रि से ही यमुना स्नान शुरू हो गया, जो बुधवार सांझ ढले तक जारी रहा। यमुना स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की ब्रह्मलाल महाराज मंदिर में दर्शन पूजन को लंबी लाइन लगी रही। घाट से मंदिर तक पहुंचने में दो से तीन घंटे तक श्रद्धालुओं को जूझना पड़ा।
श्रद्धालुओं ने गौरी शंकर मंदिर, रामेश्वर मंदिर, मोटेश्वर महादेव मंदिर, पचमुखी महादेव मंदिर, जागेश्वर मंदिर, पातालेश्वर मंदिर आदि 44 शिव मंदिरों में भी पूजा पाठ और अनुष्ठान किए। इस दौरान मंदिर श्रृंखला हर-हर बम-बम के घोष से गूंजती रही। दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात के अलावा यूपी के विभिन्न शहरों के श्रद्धालु आस्था और भक्ति में डूबे रहे। वहीं, डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन ने घाट पर यमुना में बैरिकेडिंग कराई, नदी में एसडीआरएफ की टीम मौजूद रही। नतीजतन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। प्रबंध और व्यवस्थाओं की पड़ताल के बाद डीएम ने बताया कि डेढ़ से दो लाख श्रद्धालुओं ने बटेश्वर में यमुना स्नान किया है। मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान को बटेश्वर में 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ममता, राखी, सुनैना, जावित्री, कमलेश, अनुष्का ने बताया कि घाट पर बेहतर प्रबंधन से स्नान दर्शन में कोई दिक्कत नहीं हुई।
नागा एवं संतों ने बटेश्वर में किया दूसरा शाही स्नान
- परिक्रमा मार्ग पर किया अस्त्र-शस्त्र का हैरतअंगेज प्रदर्शन, बोले-जल्द बनेगा बटेश्वर पांचवां महाकुंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बाह। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को महामंडलेश्वर बाबा बालकदास के नेतृत्व में नागा एवं संतों ने बटेश्वर के घाट पर दूसरा शाही स्नान किया। शाही स्नान के बाद उन्होंने बताया कि विकास के साथ बटेश्वर का प्राचीन वैभव लौट रहा है। उम्मीद जताई कि जल्द ही बटेश्वर को पांचवें महाकुंभ का दर्जा मिलेगा। 33 साल की तपस्या के फलीभूत होने का समय आ गया है। राम मंदिर बना है तो पांचवां कुंभ भी बनेगा।
बटेश्वर को पांचवें कुंभ का दर्जा दिलाने के लिए महामंडलेश्वर बाबा बालकदास के नेतृत्व में बुधवार को सुबह 8 बजे विभिन्न अखाड़ों से एकजुटे संत और नागा बाबा दूसरे शाही स्नान के लिए निकले। गाजे बाजे के साथ निकले संतों ने विभिन्न देवालयों में मत्था टेका। विभिन्न अखाड़ों में पहुंचे। करीब 7 किमी की तीर्थ परिक्रमा के दौरान संतों ने तलवार, फरसा, गदा आदि से हैरतअंगेज करतब दिखाए तो देखने वाले श्रद्धालु भी दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर हो गए। तीर्थ परिक्रमा के समापन पर शिव मंदिर श्रृंखला के घाट पर यमुना में शाही स्नान किया। ब्रह्मलाल जी महाराज को पूजा। परिक्रमा मार्ग पर घुड़सवार पुलिस ने सुरक्षा की कमान संभाली थी।
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मेरा मन मंदिर...निशा एवं राजकुमारी के भजनों पर झूमे दर्शक
बाह। बटेश्वर के सांस्कृतिक मंच पर बुधवार को लोक गायक निशा एवं राजकुमारी ने अपने भजनों पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने भोले तेरे चरणों की रज मिल जाए..., वृंदावन से आए हम, झूमके गाएंगे..., मेरा मन मंदिर से अपनी गायकी की छाप छोड़ी। दोनों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान जिला पंचायत के एएमए उमेश चंद, मेला प्रभारी मसूद रजा, जेई धारा सिंह, लव कुमार, भाव सिंह नरवरिया, ध्रुवराज भदौरिया, वीरेंद्र त्यागी, बहादुर सिंह प्रधान आदि मौजूद रहे। संवाद