हर दिन की जगह तीन से चार दिन बाद सड़कों, गलियों से उठाए जा रहे कचरे की शिकायतों पर मेयर नवीन जैन ने एक बार फिर एलान किया है कि 31 मार्च तक शहर को डलाबघर मुक्त कर दिया जाएगा। अमर उजाला में कूड़े के सड़ने की खबर प्रकाशित होने के बाद मेयर ने नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें मानसून के तीन माह की सफाई योजना बनाने और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए। मेयर ने हर दिन डलाबघरों से कचरा उठाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
सफाई व्यवस्था पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच मेयर नवीन जैन ने नगर निगम के अधिकारियों को तलब किया और उनसे मानसून में कूड़ा निस्तारण की कार्य योजना मांगी। मेयर ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में आ रही समस्याएं दूर करें और हर हाल में तीन माह के अंदर व्यवस्थाएं सुधारें। जैसे जैसे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन बेहतर होगा, वैसे वैसे डलाबघरों को हटाने का काम किया जाएगा। घर से कूड़ा सीधे लैंडफिल साइट कुबेरपुर भेजा जाएगा।
300 से ज्यादा डलाबघरों की हर दिन करें सफाई
मेयर नवीन जैन ने बताया कि शहर में 300 से अधिक छोटे-बड़े डलाबघर हैं। रात में सफाई के बाद भी गंदगी का आलम है। डलाबघरों के कचरे को जानवर सड़कों पर बिखेर रहे हैं। बारिश में सड़ांध के साथ बीमारियां भी होती हैं, इसलिए डलाबघर मुक्त आगरा पर गंभीरता से काम करें। तब तक हर दिन कचरा उठाएं। नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने मेयर को बताया कि ताज के पास 6 वार्डों में कूड़ा कलेक्शन 70 फीसदी तक हो रहा है। 53 प्रतिशत कूड़ा घरों से, 24 प्रतिशत किचन से, 23 प्रतिशत व्यापारिक प्रतिष्ठानों व रेस्टोरेंट से आता है।
31 मार्च तक हर हाल में आगरा शहर को डलाबघर मुक्त करने का प्रयास होगा। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की पूरे शहर में बेहतर व्यवस्था के लिए तीन माह की योजना तैयार की है ताकि घर से ही कचरा उठे और डलाबघर पहुंचे ही नहीं। बारिश के 3 माह कूड़े के सड़ने के साथ दुर्गंध और बीमारियों का प्रकोप भी नहीं होगा- नवीन जैन, मेयर
घर से ही कूड़ा अलग अलग लेकर उसे सीधे डंपिंग यार्ड तक भेजने की योजना है ताकि कचरा डलाबघरों में जाए ही नहीं। इससे न आवारा जानवर कचरे को फैला सकेंगे और न गंदगी दिखेगी। महापौर के निर्देशों के तहत 31 मार्च तक शहर को डलाबघर मुक्त कर देंगे। - निखिल टी फुंडे, नगर आयुक्त