आगरा में थाना जगदीशपुरा के शारदा विहार निवासी हिस्ट्रीशीटर जुगनू की मौत के मामले में पुलिसकर्मी ही फंस गए हैं। मामले में दरोगा योगेंद्र सिंह, सिपाही मनोज और 4-5 अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ हत्या, अपहरण, बलवा, तोड़फोड़ सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएसपी अमित पाठक ने दरोगा और सिपाही को पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया है। विभागीय कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी गई है। मृतक की मां कृष्णा ने मुकदमा दर्ज कराया है।
इसमें आरोप लगाया गया है कि 23 नवंबर को शाम 4:30 बजे दरोगा योगेंद्र सिंह, जगदीशपुरा थाना के सिपाही मनोज और 4-5 अन्य अज्ञात सिपाही घर आए। गालीगलौज के बाद तोड़फोड़ की। जुगनू को मारपीटकर साथ ले गए।
मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कुछ लोगों ने वीडियो भी बना ली। रात 10:30 बजे न्यू आगरा पुलिस ने बताया कि जुगनू की मौत हो गई है। बाद में पता चला कि पुलिस जुगनू के शव को पोस्टमार्टम गृह पर छोड़कर भाग गई। जुगनू की अपहरण के बाद साजिश के तहत हत्या की गई है।
इंस्पेक्टर थाना जगदीशपुरा ने बताया कि दरोगा और सिपाही के खिलाफ धारा 302, 147, 120बी, 452, 364, 427 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। दरोगा योगेंद्र सिंह न्यू आगरा की दयालबाग चौकी के इंचार्ज हैं।
जुगनू लूट के मामले में वांछित चल रहा था। गुरुवार को वह जुगनू के घर धारा 82 का नोटिस तामील कराने गए थे। जुगनू घर में मिल गया। पकड़कर लाते समय गुत्थमगुत्था हुई। इस दौरान जुगनू की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने बोदला रोड पर बवाल भी किया था। वाहनों पर पथराव और तोड़फोड़ की थी।
हिस्ट्रीशीट में दो बेटों और पिता का नाम
महिलाएं विलाप करती हुईं
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आगरा की जगदीशपुरा पुलिस के मुताबिक, थाने के रिकॉर्ड में जुगनू का हिस्ट्रीशीट नंबर 60 ए है। 17 फरवरी, 2010 को हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। उस पर जगदीशपुरा थाना में 2009 में किशोरी के अपहरण, बालक के अपहरण और चोरी का माल बरामदगी का मुकदमा दर्ज हुआ था।
इसके अलावा न्यू आगरा में लूट का एक मुकदमा है। वहीं उसके भाई रवि का हिस्ट्रीशीट नंबर 59ए है। 16 फरवरी, 2010 को हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। उस पर भी तीन मुकदमे दर्ज हैं। उनका पिता सूरज भी हिस्ट्रीशीटर है। उसका नाम 12ए पर दर्ज है। उस पर जुआ एक्ट और अपहरण सहित 10 मुकदमे थाना जगदीशपुरा में दर्ज हैं।