आगरा नगर निगम सदन की शनिवार को हुई बैठक में आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों को लेकर हमकर हंगामा हुआ। पार्षद प्रकाश केशवानी की ओर उठाए गए इस मुद्दे पर पार्षदों ने सख्त कदम उठाने की मांग की। पार्षदों का कहना था कि इस मुख्यमंत्री पोर्टल की वजह से शहर भर में डमी पार्षद खड़े हो गए हैं जो लोगों के काम कराने का ठेका ले रहे हैं। अमर उजाला ने पार्षदों-पूर्व पार्षदों और आम लोगों के आईजीआरएस के जरिये काम कराने की खबर प्रकाशित की थी।
पार्षदों के पत्रों पर निगम के कार्रवाई न करने और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की वजह से उनके लिए अस्तित का संकट खड़ा हो रहा है। मांग की कि जो शिकायत करे, पहले उसका ग्रह व जल कर चेक किया जाए। उसने भरा हो तो यह सुनिश्चित किया जाए कि वह अपने लिए ही शिकायत कर रहा है। पार्षद राकेश जैन, प्रदीप अग्रवाल, अनुराग चतुर्वेदी समेत कई पार्षदों ने कहा कि कई लोग तो शिकायत करने के नाम पर पैसे ले रहे हैं। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। इसपर महापौर हेमलता दिवाकर और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने अधिकारियों को ऐसे शिकायतकर्ताओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ आख्या लगाकर शिकायत बंद करने के निर्देश दिए।
पार्किंग बंद होने से बढ़ रहा जाम
बैठक के दौरान नई पार्किंग के लिए स्थान चिह्नित करने को लेकर पार्षदों का जोर रहा। हालांकि मौजूदा समय में आवंटित पार्किंगों से ही निगम को खास कमाई नहीं हो रही। यही नहीं, मेट्रो समेत विभिन्न कारणों से पार्किंगों के बंद होने की वजह से सड़कों पर वाहन अवैध रूप से खड़े हो रहे और जाम की वजह बन रहे हैं। फिलहाल निगम अब मेट्रो से ही नुकसान की भरपाई कर नई पार्किंग शुरू करने के लिए रूपरेखा तैयार कर रहा है। उधर, चूहों की वजह से हो रही परेशानी को दूर करने के लिए स्टडी टूर बिहार भेजने पर चर्चा हुई।