आगरा नगर निगम ने इस बार गृहकर वसूली में रिकॉर्ड बनाया है। निगम को वर्ष 2023-24 में 71.85 करोड़ रुपये मिले हैं। बीते साल महज 53.54 करोड़ रुपये का गृहकर मिल पाया था। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि बीते साल से 18.32 करोड़ रुपये का गृहकर ज्यादा मिला है। बीते साल से 14 हजार ज्यादा करदाताओं ने टैक्स जमा किया है। जो टैक्स जमा हुआ, उसका 75 फीसदी हिस्सा ऑनलाइन किया है। महज दो माह के अंदर 5957 करदाताओं ने तो व्हाट्सएप पर भेजे गए ऑनलाइन लिंक को क्लिक करके ही 1.01 करोड़ रुपये जमा किए।
हरीपर्वत आगे, लोहामंडी पीछे रहा
अपर नगर आयुक्त विनोद गुप्ता ने बताया कि सबसे ज्यादा गृहकर हरीपर्वत जोन से मिला है। लोहामंडी सबसे पीछे रहा। उन्होंने कहा कि निगम में सबसे कम 19 राजस्व निरीक्षक ही हैं। यहां वर्ष 2010 का मासिक किराया दर ही लागू है, जबकि अन्य निगमों में रेट रिवीजन हो चुका है।
विजिलेंस की कार्रवाई से बढ़े
विजिलेंस ने इस बार संपत्ति कर विभाग से एक राजस्व निरीक्षक और एक क्लर्क को रंगेहाथों रिश्वत लेते दबोचा था। इस वजह से भी आखिरी दो माह में ऑनलाइन टैक्स ज्यादा जमा हुए। नगर निगम की वेबसाइट और व्हाट्सएप लिंक का उपयोग कर 40242 करदाताओं ने ऑनलाइन टैक्स जमा किया।
2.25 लाख घरों से टैक्स अब भी नहीं
निगम की सीमा में 3.25 लाख घरों और संपत्तियों का सर्वे किया गया है। इनमें से एक लाख करदाताओं ने ही इस साल गृहकर भरा है। जबकि 2.25 लाख घर और संपत्ति ऐसी हैं, जिन्होंने नगर निगम को कोई टैक्स नहीं दिया। बीते साल 86 हजार करदाताओं ने टैक्स जमा किया था, इस साल संख्या एक लाख हो गई।