शहर में सीएम ग्रिड के तहत बनाई जा रहीं मॉडल रोड और अन्य सड़कों के निर्माण पर 412 करोड़ रुपये इस साल नगर निगम खर्च करेगा। बृहस्पतिवार को मेयर हेमलता दिवाकर की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 2202.86 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट को मंजूरी दी गई। बजट में इस बार 30 करोड़ रुपये स्ट्रीट लाइट पर और पांच करोड़ रुपये हरियाली पर खर्च किए जाएंगे। यह बजट अंतिम स्वीकृति के लिए 21 मई को नगर निगम सदन में पेश किया जाएगा।
लेखाधिकारी विपिन यादव ने बजट में बताया कि सीएम ग्रिड योजना के तहत 200 करोड़ रुपये मॉडल रोड के निर्माण पर खर्च होंगे। सड़कों की मरम्मत और अनुरक्षण के लिए 212 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। शहर में मौजूद पार्कों के विकास के लिए 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। डॉग शेल्टर होम पर एक करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। पौधरोपण पर इस साल पांच करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। नालों की सफाई मामला सदन में उठने के बाद नालों की मरम्मत पर बजट बढ़ाया गया है।
इस बार 44 करोड़ रुपये पुराने नालों की मरम्मत और निर्माण के लिए रखे गए हैं। शहर की प्रकाश व्यवस्था पर नगर निगम 30 करोड़ रुपये खर्च करेगा। बीते साल तिरंगा लाइटों के साथ त्रिशूल लाइटें भी लगवाई गई थीं। बैठक में नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, उपनगर आयुक्त डॉ. सरिता सिंह तथा कार्यकारिणी सदस्यों में राकेश जैन, बंटी माहौर, मीनाक्षी वर्मा आदि मौजूद रहे।
टोरंट पावर पर बकाया 431 करोड़ रुपये हटाए
कार्यकारिणी की बैठक में इस बार के बजट से टोरंट पावर पर बकाया 431 करोड़ रुपये की रकम हटाने पर सहमति बनी। इसके लिए शासन ने निर्देश दिए थे। नगर निगम ने 6 साल पहले टोरंट पावर पर ट्रांसफार्मर आदि लगाने के लिए निगम की जमीन उपयोग करने पर किराया लगाया था, जो शुरूआत में 200 करोड़ रुपये आंका गया। छह साल इसे लेकर तकरार चलती रही। शासन में मामला पहुंचने के बाद 31 मार्च के आदेश का हवाला देते हुए इसे बजट से हटा दिया गया है।
विज्ञापन और डोर टू डोर कूड़ा व्यवस्था से बढ़ी कमाई
बैठक में लेखाधिकारी ने बताया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और विज्ञापन से कमाई बढ़ी है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में घरों से यूजर चार्ज आठ गुना बढ़ा है, वहीं विज्ञापन में भी निगम को 9.68 करोड़ रुपये की आय हुई है। यह बीते साल से दो करोड़ रुपये ज्यादा है, हालांकि गृहकर में 150 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले केवल 95 करोड़ रुपये ही वसूली हो सकी। बजट में 1425.77 करोड़ रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान किया गया है। कार्यकारिणी में जलकल विभाग के बजट को भी मंजूरी दी गई।