आगरा के 11 वर्षीय युवा बल्लेबाज प्रियांशु ने अभ्यास मैच में 14 चौकों और दो छक्कों की मदद से शानदार शतक जड़कर सभी को प्रभावित कर दिया। उनकी बेखौफ बल्लेबाजी को देखकर क्रिकेट प्रेमियों और कोचों ने उनमें वैभव सूर्यवंशी जैसी प्रतिभा की झलक देखी।
कम उम्र में अपने आक्रामक खेल से क्रिकेट में चर्चा बटोरने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की तरह अब आगरा का एक नन्हा क्रिकेटर भी तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। महज 11 साल के प्रियांशु लोधी ने प्रवीण कुमार क्रिकेट अकादमी ग्राउंड पर खेले गए अभ्यास मैच में शानदार शतक जड़कर सभी को हैरान कर दिया। उनकी बेखौफ बल्लेबाजी, शानदार टाइमिंग और बड़े शॉट्स ने क्रिकेट प्रेमियों को वैभव सूर्यवंशी की याद दिला दी।
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बुधवार को प्रवीण कुमार क्रिकेट अकादमी और ग्लोबल यूथ क्रिकेट अकादमी मुरैना के बीच खेले गए मुकाबले में प्रवीण कुमार क्रिकेट अकादमी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने 40 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 226 रन बनाए।
टीम की ओर से सबसे बड़ा आकर्षण 11 वर्षीय बल्लेबाज प्रियांशु लोधी रहे, जिन्होंने 90 गेंदों में शानदार 100 रन की पारी खेली। अपनी शतकीय पारी में उन्होंने 14 चौके और दो छक्के लगाए। मैदान के चारों ओर खेले गए उनके आकर्षक शॉट्स ने दर्शकों और कोचों को खासा प्रभावित किया। इसके अलावा ललित यादव ने 34 गेंदों में 24 रन का योगदान दिया।
ग्लोबल यूथ क्रिकेट अकादमी मुरैना की ओर से कप्तान प्रबल वैरागी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए। 227 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ग्लोबल यूथ क्रिकेट अकादमी ने रोमांचक अंदाज में मुकाबला एक विकेट से जीत लिया। टीम के बल्लेबाज वैभव दंडोतिया ने 70 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें पांच चौके और पांच छक्के शामिल रहे।
वैष्णव यादव ने 41 गेंदों में 26 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। प्रवीण कुमार क्रिकेट अकादमी की ओर से रुद्र सिंह चौहान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट झटके, जबकि गोविंद शर्मा ने दो विकेट हासिल किए। हालांकि दोनों गेंदबाजों के प्रयास टीम को जीत नहीं दिला सके।मैच में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए ग्लोबल यूथ क्रिकेट अकादमी के कप्तान प्रबल वैरागी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
कोच प्रवीण कुमार ने कहा आज के समय में वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी देशभर के बच्चों को प्रेरित कर रहे हैं। प्रियांशु ने जिस आत्मविश्वास और तकनीक के साथ बल्लेबाजी की, वह उसकी उम्र के हिसाब से बेहद खास है। उसमें लंबी रेस का खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है। अगर वह इसी तरह मेहनत करता रहा तो भविष्य में आगरा का नाम बड़े स्तर पर रोशन कर सकता है।