आगरा में वित्तीय वर्ष 2024-25 का गृहकर अगर 30 सितंबर से पहले नगर निगम में जमा करेंगे तो 10 फीसदी की छूट मिलेगी। अभी तक 31 जुलाई तक ही यह छूट मिल रही थी, लेकिन सोमवार को नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में गृहकर में छूट के प्रस्ताव को 30 सितंबर तक के लिए पारित कर दिया गया है। कार्यकारिणी में एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर 6 सदस्यों को कार्यमुक्त कर दिया गया।
विज्ञापन
सोमवार दोपहर नगर निगम कार्यकारिणी कक्ष में मेयर हेमलता दिवाकर की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें गृहकर, संपत्तिकर में 10 प्रतिशत छूट की सीमा को 31 जुलाई तक रखने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन कार्यकारिणी के उपसभापति रवि विहारी माथुर ने आपत्ति जताई कि जुलाई का एक सप्ताह तो बीत चुका। इससे लोगों को फायदा नहीं मिलेगा। उन्होंने प्रस्ताव में संशोधन करते हुए छूट की समय सीमा को 30 सितंबर तक करने का प्रस्ताव दिया, जिसे कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों ने सहमति जताई। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि गृहकर और संपत्तिकर में छूट की सीमा को बढ़ाकर 30 सितंबर तक कर दिया गया है। इसी वित्तीय वर्ष के गृहकर, संपत्ति कर के लिए यह लागू होगा।
बैठक में अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र प्रसाद यादव, विनोद गुप्ता, महाप्रबंधक जलकल अरुणेंद्र राजपूत, मुख्य अभियंता निर्माण बीएल गुप्ता के अलावा उपसभापति रवि बिहारी माथुर, कार्यकारिणी सदस्य हेमलता चौहान, गजेंद्र सिंह, बद्री प्रसाद, हरिओम गोयल और बनवारी लाल उपस्थित रहे।
कार्यकारिणी के 6 सदस्य हुए बाहर
सोमवार को नगर निगम कार्यकारिणी के 6 पार्षदों का कार्यकाल पूरा हो गया। लॉटरी के जरिए 6 सदस्यों बसपा के अरविंद मथुरिया, यशपाल सिंह, कप्तान सिंह और भाजपा के मंजू प्रजापति, सुधीर राठौर, अन्नू गुप्ता कार्यकारिणी से मुक्त हो गए। उनकी जगह 6 सदस्यों का चुनाव नगर निगम सदन में किया जाएगा। सोमवार को कार्यकाल पूरा करने वाले पार्षदों को सम्मानित कर विदाई दी गई।