आगरा नगर निगम के बजट में टास्क फोर्स पर 1.25 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद केवल 14 लाख रुपये की ही वसूली होने पर पार्षदों ने सवाल उठाए। बैठक में बजट प्रावधानों, अतिक्रमण, टोरंट पावर बकाया और अन्य आय-व्यय को लेकर अधिकारियों को घेरा गया।
आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया। नगर निगम के बजट का यही हाल रहा। निगम ने बजट में ऐसे गजब प्रावधान किए हैं कि अधिवेशन में पार्षदों ने अधिकारियों को घेरा। एक मामला नगर निगम टास्क फोर्स का उठाया गया। कहा गया कि जिस पर निगम सालाना 1.25 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। मगर वह पॉलिथीन और अतिक्रमण पर केवल 14 लाख रुपये ही जुर्माना वसूल सका। इनके वेतन और गाड़ियों पर ही निगम जुर्माना वसूली से नौ गुना ज्यादा खर्च कर रहा है।
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बजट पर चर्चा में पार्षद रवि माथुर ने कहा कि निगम को पॉलिथीन और अतिक्रमण पर कार्रवाई से केवल 14 लाख रुपये की आय हुई जबकि टास्क फोर्स पर खर्च 1.25 करोड़ रुपये हुए। कोई ऐसी जगह नहीं है जहां अतिक्रमण न हो। पार्षद अनुज शर्मा ने कहा कि उनका क्षेत्र सबसे ज्यादा अतिक्रमण का शिकार है, हर बार टास्क फोर्स केवल वसूली कर चला जाता है।
इन मदों में आई कमी
मद
अनुमानित आय
वास्तविक आय
गृहकर
150 करोड़
92.29 करोड़
स्लॉटर हाउस
3.50 करोड़
1.29 करोड़
लाइसेंस फीस
2 करोड़
29.86 लाख
रोड कटिंग
20 लाख
24,700 रुपये
कांजी हाउस
50 लाख
19.58 लाख
डोर-टू-डोर
1.92 करोड़
77.88 लाख
पॉलिथीन जुर्माना
50 लाख
9.36 लाख
अतिक्रमण जुर्माना
20 लाख
5.16 लाख
टोरंट पर बकाया 431 करोड़ रुपये हटाए
पार्षद अनुराग चतुर्वेदी, रवि माथुर, प्रकाश केशवानी ने टोरंट पावर के करीब 431 करोड़ रुपये बजट से हटाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शासनादेश का हवाला देकर 431 करोड़ रुपये माफ कर दिए लेकिन जनता उनसे सवाल पूछ रही है। लिहाजा इस प्रकरण में शासन को पत्र लिखने के साथ स्थिति स्पष्ट की जाए। पार्षदों ने टोरंट से संपत्ति कर और रोड कटिंग पर जुर्माना वसूलने के लिए कहा। मेयर हेमलता दिवाकर ने पार्षदों से कहा कि सभी पार्षद टोरंट के लिए खुदाई का कोई पत्र जारी न करें। जब तक सड़क का निर्माण न किया जाए, वह कोई भी पत्र न लिखें। कंपनी उनके पत्र का दुरुपयोग करती है।
लाइसेंस फीस नहीं बढ़ाई
नगर निगम ने बजट में रिक्शा, ठेला, हाथ ठेला, बैलगाड़ी, तांगा के लाइसेंस की फीस बरकरार रखी है। इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। रिक्शे के लिए 75 रुपये लाइसेंस और 10 रुपये टोकन, ठेला के लिए 100 रुपये लाइसेंस फीस और 10 रुपये टोकन, तांगा के लिए 60 रुपये लाइसेंस शुल्क रखा गया है। जून तक रिक्शा का लाइसेंस लेना होगा। इसके बाद एक जुलाई से 20 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देने का प्रावधान किया गया है।
अतिक्रमण हटाकर कराएं सफाई
पार्षद यशपाल सिंह, सुनील शर्मा, कप्तान सिंह और अनुराग चतुर्वेदी ने नालों पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर ही सफाई की मांग की। उन्होंने कहा कि निगम सालाना करोड़ों रुपये सफाई पर खर्च कर रहा है लेकिन अतिक्रमण के कारण नालों की सफाई नहीं हो पा रही। फैक्टरियों, स्कूलों, अस्पतालों और मकानों का निर्माण नालों के ऊपर कर लिया गया है। यह सभी तोड़े जाएं।