वायुसेना का मिग-29 विमान सोमवार की शाम को आगरा के कागारौल के गांव बघा सोनिगा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के खाली खेत में गिरते ही आग की लपटें उठने लगीं। वहीं हादसे से पहले पायलट ने पैराशूट की मदद से सुरक्षित लैडिंग की।
आगरा के कागारौल के सोनिगा गांव में सोमवार शाम को मिग-29 विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद लपटें उठ रहीं थीं। धुआं कई किलोमीटर दूर से नजर आ रहा था। सूचना पर एयरफोर्स के साथ ही खेरागढ़ और ईदगाह से 3 दमकल पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के लिए फोम टेंडर का भी इस्तेमाल करना पड़ा।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि शाम तकरीबन 4:30 बजे के बाद वायुसेना के विमान में आग लगने की सूचना मिली थी। घटनास्थल की दूरी 35 किलोमीटर के आसपास थी। ऐसे ईदगाह फायर स्टेशन से दो तो खेरागढ़ से एक दमकल को रवाना किया गया। खेरागढ़ और एयरफोर्स की दमकल पहले पहुंच गईं। ईदगाह वाली को पहुंचने में तकरीबन 25 मिनट लग गए।
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Mig-29 crash
- फोटो : अमर उजाला
खेत होने की वजह से लगाने पड़े पाइप
विमान में लगी आग को काबू करना आसान नहीं थी। खेतों के बीच एक खेत में विमान गिरा हुआ था। आलू की बुवाई के चलते खेतों में किसानों ने पानी डाला हुआ था। इससे दमकल नहीं जा सकती थी। सड़क पर ही उन्हें खड़ा कराया गया। एक के बाद एक पाइपों को जोड़ा गया। 500 मीटर तक पाइप जोड़ने के बाद पानी डालने का काम शुरू हो सका। आग पानी से भी काबू नहीं हो रही थी। इस पर फोम का इस्तेमाल करना पड़ा। आग बुझाने में तकरीबन 45 मिनट लग गए।
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पुलिस ने ग्रामीणों को दूर किया
घटना की जानाकरी पर कागारौल, खेरागढ़, मलपुरा, फतेहपुर सीकरी आदि थानों की फोर्स पहुंच गई थी। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुटगए थे। इस पर पुलिस ने लोगों को दूर किया। वहीं आसपास यातायात व्यवस्था का भी संचालन किया, जिससे दमकलों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
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मोबाइल टॉर्च की रोशनी में की तलाश
शाम 4.30 बजे लड़ाकू विमान मिग 29 खेत में गिरा, लेकिन सेना पुलिस और एयरफोर्स के जवान शाम 5.10 बजे के आसपास पहुंचे। शाम को 6 बजे के बाद अंधेरा होने पर मोबाइल टॉर्च की रोशनी में सेना के जवानों को विमान के टुकड़ों की तलाश करनी पड़ी। विमान के गिलास, सस्पेंशन, टायर के हिस्से एक से दो किमी दायरे में मिले। रात 8 बजे के बाद सेना ने लाइट की व्यवस्था की। तब तक पुलिस और सेना मोबाइल की रोशनी में ही मलबा तलाशते और निगरानी में जुटी रही।
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हजारों की भीड़ ने खेतों में किया नुकसान
किसान रूप सिंह, जय सिंह, बॉबी समेत 10 से ज्यादा किसानों के खेत में की गई फसलों की बुवाई बर्बाद हो गई। दरअसल, लड़ाकू विमान के गिरने की खबर मिलने के बाद कागारौल तक के हजारों लोग, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खेतों की ओर दौड़ पड़े। बघा सोनिगा गांव में दुर्घटनास्थल से दो किमी पहले ही सड़क पर वाहनों का जाम लग गया। गूल की जगह लोगों ने खेतों के बीच से ही निकलना शुरू कर दिया, जिससे आलू, गेहूं और सब्जियों की बुवाई वाले खेत लोगों के पैदल निकलने से खराब हो गए। इन किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
मौके पर पहुंचे ये अधिकारी
दुर्घटना की खबर मिलने के बाद मौके पर एयरफोर्स के अधिकारी, एसडीएम किरावली राजेश जैसवाल, तहसीलदार देवेंद्र प्रताप,एसडीएम खेरागढ़ संदीप यादव, एसीपी सैंया देवेश सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक कागारौल राजीव कुमार और पुलिस मौके पर पहुंच गयी। उन्होंने जलते हुए विमान से लोगों को दूर हटाया और बेरिकेडिंग की। इसके बाद सेना पुलिस ने पूरा क्षेत्र अपने नियंत्रण में ले लिया।