वायुसेना का मिग-29 विमान सोमवार की शाम को ग्वालियर से नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान आगरा के कागारौल के गांव बघा सोनिगा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के खाली खेत में गिरते ही आग की लपटें उठने लगीं। वहीं हादसे से पहले पायलट ने पैराशूट की मदद से सुरक्षित लैडिंग की।
वायुसेना का मिग-29 विमान सोमवार की शाम को ग्वालियर से नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान आगरा के कागारौल के गांव बघा सोनिगा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के खाली खेत में गिरते ही आग की लपटें उठने लगीं। वहीं हादसे से पहले पायलट ने पैराशूट की मदद से सुरक्षित लैडिंग की।
हादसे के पीछे विमान में आई तकनीकी खामी को बताया जा रहा है। हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं। दुर्घटना के बाद दमकलों के साथ पुलिस व वायु सेना के अफसर भी मौके पर पहुंच गए।
दरअसल, शाम को 4:30 बजे का वक्त, बघा सोनिगा गांव के किसान बॉबी के खेत में कलाबाजियां करते हुए लड़ाकू विमान मिग-29 जैसे ही गिरा, धमाके के साथ आग का गोला बन गया। धू-धूकर विमान जलता देख गांव के रूप सिंह, अजय चाहर खेतों में दौड़ पड़े।
विज्ञापन
2 of 6
Mig-29 crash
- फोटो : अमर उजाला
विमान से एक किमी दूर कूदे (इजेक्ट) पायलट को पैराशूट से खेत में लैंडिंग करते देखा तो आसपास के ग्रामीण भी पहुंच गए। तभी जलते विमान में तेज धमाका हुआ और ग्रामीण बचने के लिए दूर दौड़ पड़े।
दहशत के बीच हजारों लोग खेत में दूर से ही जलते विमान को देखते और वीडियो बनाते रहे। 40 मिनट के बाद पुलिस और सेना पहुंची तब अंधेरे में लोगों ने तलाश अभियान में मदद की।
विज्ञापन
3 of 6
Mig-29 crash
- फोटो : अमर उजाला
फंस गई एंबुलेंस और सेना की गाड़ियां
बघा सोनिगा गांव में मुख्य सड़क से दो किमी दूर खेतों में जाने के लिए कोई सड़क नहीं है। गूल के सहारे पैदल ही जाने का रास्ता है। ऐसे में एयरफोर्स, सेना पुलिस और स्थानीय पुलिस और फायर बिग्रेड की गाड़ियां खेतों में फंस गई। दरअसल, खेतों में इन दिनों सब्जी, गेहूं और आलू की बुवाई की गई थी, सेना की गाड़ियां पहुंचीं तो यह मिट्टी में फंस गई। पायलट सड़क के पास के खेत मे थे तो एंबुलेंस को ग्रामीणों ने खेत से निकालकर सड़क पर पहुंचाया। फायर बिग्रेड और अन्य वाहनों को निकालने के लिए बघा सोनिगा से ट्रैक्टर बुलवाए गए। फायर बिग्रेड की गाड़ी शाम 7 बजे तक भी निकल नहीं पाई थी। तब तक विमान का बड़ा हिस्सा जलकर राख हो चुका था।
4 of 6
Mig-29 crash
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल टॉर्च की रोशनी में की तलाश
शाम 4.30 बजे लड़ाकू विमान मिग 29 खेत में गिरा, लेकिन सेना पुलिस और एयरफोर्स के जवान शाम 5.10 बजे के आसपास पहुंचे। शाम को 6 बजे के बाद अंधेरा होने पर मोबाइल टॉर्च की रोशनी में सेना के जवानों को विमान के टुकड़ों की तलाश करनी पड़ी। विमान के गिलास, सस्पेंशन, टायर के हिस्से एक से दो किमी दायरे में मिले। रात 8 बजे के बाद सेना ने लाइट की व्यवस्था की। तब तक पुलिस और सेना मोबाइल की रोशनी में ही मलबा तलाशते और निगरानी में जुटी रही।
विज्ञापन
5 of 6
Mig-29 crash
- फोटो : अमर उजाला
हजारों की भीड़ ने खेतों में किया नुकसान
किसान रूप सिंह, जय सिंह, बॉबी समेत 10 से ज्यादा किसानों के खेत में की गई फसलों की बुवाई बर्बाद हो गई। दरअसल, लड़ाकू विमान के गिरने की खबर मिलने के बाद कागारौल तक के हजारों लोग, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खेतों की ओर दौड़ पड़े। बघा सोनिगा गांव में दुर्घटनास्थल से दो किमी पहले ही सड़क पर वाहनों का जाम लग गया। गूल की जगह लोगोें ने खेतों के बीच से ही निकलना शुरू कर दिया, जिससे आलू, गेहूं और सब्जियों की बुवाई वाले खेत लोगों के पैदल निकलने से खराब हो गए। इन किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
मौके पर पहुंचे ये अधिकारी
दुर्घटना की खबर मिलने के बाद मौके पर एयरफोर्स के अधिकारी, एसडीएम किरावली राजेश जैसवाल, तहसीलदार देवेंद्र प्रताप,एसडीएम खेरागढ़ संदीप यादव, एसीपी सैंया देवेश सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक कागारौल राजीव कुमार और पुलिस मौके पर पहुंच गयी। उन्होंने जलते हुए विमान से लोगों को दूर हटाया और बेरिकेडिंग की। इसके बाद सेना पुलिस ने पूरा क्षेत्र अपने नियंत्रण में ले लिया।